छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले के बाद अब सुरक्षाबल नक्सलियों की तलाश में लगातार क्षेत्र में सर्च आपरेशन चलाए हुए हैं। सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन सुकमा के घने जंगलों में नक्सलियों की तलाश कर रही है। हालांकि माना जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के बाद फिलहाल सभी नक्सली भूमिगत हो गए हैं।
वहीं घटना के पीछे के मास्टरमाइंड का नाम का भी खुलासा होता दिख रहा है। बताया जा रहा है नक्सली कमांडर और 25 लाख के ईनामी हिडमा ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। उसे सुरक्षाबलों पर पहले भी हुए कई हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है।
इससे पहले भी वह कई ऐसी वारदातों को अंजाम दे चुका है, मार्च महीने में सीआरपीएफ के 12 जवानों की हत्या में भी उसी का नाम सामने आया था। इस वारदात के पीछे भी हिडमा के नेतृत्व वाली पीपुल्स लिबरेशन ऑफ गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) को जिम्मेदार माना जा रहा है। गुरिल्ला अंदाज में पीएलजीए ही जवानों पर छुपकर हमला करने की घटनाओं को अंजाम देता है। वहीं घटना के बाद छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर दोहराया कि ऐसी घटनाओं से जवानों के कदम पीछे खिंचने वाले नहीं हैं। वहीं गृहमंत्री ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि तमाम बाधाओं के बाद भी अभी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सेना का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
गरीबों का दुश्मन है वामपंथी उग्रवादः राजनाथ
वारदात के बाद घटनास्थल की जांच कर रहे सुरक्षाबलों को मौके से भारी संख्या में कारतूस, बम, रॉकेट लांचर और अन्य विध्वसंक सामान मिले हैं। बस्तर के आईजी विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि नक्सलियों ने पहले फायरिंग शुरू की और प्रतिबंधित एरिया में सीआरपीएफ के जवानों को घेर लिया। सुरक्षा बलों और नक्सलियों में लगभग डेढ़ घंटे तक फायरिंग चली, तीन नक्सलियों की मौत की पुष्टि हुई है। सिन्हा ने कहा कि जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा, अब नक्सलियों से उनके गढ़ में बदला लेंगे।
इससे पहले मंगलवार को रायपुर पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस मामले में केंद्र कड़े फैसले ले रहा है। वामपंथियों उग्रवादियों द्वारा लगातार ऐसी घटिया हरकतें की जा रही है। अगर गरीबों का कोई दुश्मन है तो वह वामपंथी उग्रवादी ही हैं। उन्होंने विकास में हर तरह से अड़ंगा लगाया है। राजनाथ सिंह ने कहा चूंकि छत्तीसगढ़ में विकास हो रहा है इसलिए इस विकास से नक्सली डरे हुए हैं। गृहमंत्री ने कहा कि इस हमले ने सरकार को एक तरह की चुनौती दी है। हम इस चुनौती को स्वीकार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि देश से नक्सल पूरी तरह से खत्म हो इसके लिए पूरी रणनीति बन रही है।
रायपुर के अस्पतालों में भर्ती कराए गए घायल जवान
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बता दें कि सोमवार दोपहर एक बजे के करीब छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक नक्सल प्रभावित इलाके सुकमा के बुर्कापाल इलाके में नक्सलियों ने रोड ओपनिंग के लिए निकली सीआरपीएफ की टुकड़ी पर हमला बोल दिया था। तीन घंटे तक चली मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए थे जबकि कई जवान घायल हुए हैं। वहीं सात जवान अभी लापता बताए जा रहे हैं। मुठभेड़ में कई नक्सलियों के मारे जाने की भी सूचना है, लेकिन उनके शवों को नक्सली खींचकर अपने साथ ले गए हैं।