छत्तीसगढ़ का दंतेवाड़ा यानी लाल आतंक का वह इलाका जहां के बीहड़ और सन्नाटे में मौत दबे पांव घूमती है। यहां चार खंभे पर टिकी भारतीय व्यवस्था बंदूक के पहरे में सांसे लेती है। कानून धीरे-धीरे सरकता है और अक्सर मुठभेड़ का शिकार होता है। 30 अक्टूबर 2018 मंगलवार को इस व्यवस्था का चौथा खंभा यानी पत्रकारिता यहां लाल आतंक से मुठभेड़ करती नजर आर्इ।
राज्य में चुनाव कवरेज के लिए दंतेवाड़ा गई डीडी न्यूज़ दिल्ली की एक टीम पर नक्सली हमला हुआ। तीन पत्रकार मारे गए, दो जवान शहीद हो गए और जो पत्रकार बचा उसने जीवन और मौत के बीच बचे थोड़े से फासले में अपनी मां को याद किया। डर और दहशत की सिसकियों के बीच उसके मुंह से एक ही आवाज गूंजती रही- 'मम्मी मैं तुम्हे बहुत प्यार करता हूं'।
लोकतंत्र की आवाज पर हमला
मंगलवार को न्यूज चैनल दूरदर्शन जिस हमले का शिकार हुआ, दरअसल वह लोकतंत्र में भारत सरकार की अभिव्यक्ति और जनता के बीच संवाद पर हमला था। दूरदर्शन यानी भारत सरकार की अधिकृत आवाज। जनता और सरकार के बीच सीधे संवाद का सबसे अहम और बड़ा माध्यम।
डीडी न्यूज की टीम पुलिस जवानों के साथ नक्सलियों के गढ़ नीलावाया इलाके में रिपोर्टिंग करने पहुंची थी। नक्सलियों का हमला उसी समय हुआ। इस हमले में एक गोली सीधे डीडी न्यूज कैमरामैन अच्युतानंद साहू को लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। नक्सलियों ने इस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जब तक जवान मोर्चा संभालते दो जवान शहीद हो गए। नक्सली लगातार गोलियां और हैंड ग्रेनेड बरसा रहे थे।
1 मिनट 27 सेकेंड की वायरल सिसकियां
इस नक्सली हमले से सरकार हिली हुई है। जांच-पड़ताल, सच और राजनीतिक बयानबाजी की गहमा-गहमी का दौर जारी है। लेकिन नक्सली फायरिंग के बीच फंसे असिस्टेंट कैमरामैन मोर मुकुट शर्मा का एक वीडियो नक्सलियों के आतंक की कहानी बयान कर रहा है। हमला होते ही मौत को सामने देख डीडी न्यूज़ रिपोर्टर और असिस्टेंट कैमरामैन जमीन पर लेट गए।
चारों ओर से गोलियां बरसती देख असिस्टेंट कैमरामैन मोर मुकुट शर्मा को लगा कि अब बचना मुश्किल है। इसके बाद उन्होंने अपना मोबाइल निकाला और मां के नाम एक संदेश रिकॉर्ड कर लिया। जिसमें वे कहते रहे- 'मम्मी मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं'।
1 मिनट 27 सेकेंड के अपने संदेश में कैमरामैन मोर मुकुट कह रहे हैं- चुनावी कवरेज के लिए जाते समय अचानक नक्सलियों ने उन्हें घेर लिया। परिस्थिति सही नहीं है और पता नहीं मैं कब मारा जाऊं। मम्मी मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं। मौत सामने घूम रही है और पता नहीं कि मैं लौटूंगा या नहीं।
6-7 जवान हैं साथ में, बचना मुश्किल है, नक्सलियों ने चारों तरफ से घेर लिया है। वीडियो में दर्ज ये आवाज हमें बताती है कि नक्सलियों के निशाने पर पूरी व्यवस्था है। मीडियाकर्मी भी अछूते नहीं हैं।