वर्षों से अपनी पहचान और नागरिकता के लिए भटक रहे पाकिस्तान से आए हिंदू अब भारतीय कहे जाएंगे। ये हिंदू कई वर्षों से रायपुर के दूर-दराज के इलाको में रह रहे थे। बुधवार को छत्तीसगढ़ सरकार ने पाकिस्तान से आए करीब 51 हिंदू परिवारों को भारत की नागरिकता दी है। मुख्यमंत्री रमन सिंह और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने शदाणी दरबार के संत गोबिंदराम साहेब के 73 वें जन्मोत्सव पर आयोजित एक कार्यक्रम में इन परिवारों को नागरिकता पंजीयन प्रमाण पत्र दिया।
केंद्रीय गृहराज्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रवासी हिंदू परिवारों को भारतीय नागरिकता देनेवाला पहला राज्य बन गया है। इससे पहले केंद्र सरकार को ही आधिकार था कि वह किसी नागरिक को देश की नागरिकता दे या न दे। लेकिन 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकता प्रदान किए जाने का अधिकार राज्य सरकारों के पाले में डाल दिया था जिसके बाद से प्रवासी हिंदुओं की भारत आने की तादाद में जबरदस्त बढ़ोतरी भी हुई है।
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पाकिस्तानी हिंदुओं को नागरिकता देते हुए अहीर ने कहा कि आपने कुछ दिनों पहले ही दिवाली मनाई है और आज का दिन भी आपके लिए दूसरी दिवाली ही है। वहीं रमण सिंह ने भारतीय नागरिकता देते हुए कहा कि आपका भारत की पवित्र धरती पर स्वागत है, ये आपका अपना देश है। दुर्भाग्य से इस पवित्र भूमि के विभाजन के बाद आपको पाकिस्तान जाना पड़ा था लेकिन बाद में इनलोगों ने भारत में रहने का निर्णय लिया।
रमण सिंह ने छत्तीसगढ़ में रहने वाले हिंदू प्रवासी जिन्होंने भारतीय नागरिकता का आवेदन किया है उसपर जल्द से जल्द कार्रवाई करने का भी वादा किया।