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विदेश भागे अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में सरकार
इसके साथ ही दूसरी ओर गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि विदेशों में छिपे अपराधियों की भारत वापसी (प्रत्यर्पण) में तेजी लाने के लिए हर राज्य में एक विशेष जेल बनाई जाए जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरे। साथ ही जिन अपराधियों के खिलाफ इंटरपोल की रेड नोटिस जारी हो चुकी है, उनके पासपोर्ट रद्द किए जाएं ताकि वे दुनिया में आज़ादी से घूम न सकें।
अमित शाह ने यह बातें सीबीआई द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में कहीं, जिसका विषय था 'भगोड़े अपराधियों का प्रत्यर्पण: चुनौतियां और रणनीति'। शाह ने कहा कि जब तक भगोड़ों के मन में भारतीय कानून का डर नहीं होगा, तब तक देश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
क्यों जरूरी है अंतरराष्ट्रीय स्तर की जेल?
शाह ने कहा कि कई भगोड़े जैसे विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी विदेशी अदालतों में यह दलील देते हैं कि भारतीय जेलें अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी नहीं उतरतीं, इसलिए उन्हें प्रत्यर्पित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे यह बहाना हो, लेकिन हमें ऐसा कोई मौका नहीं देना चाहिए, इसलिए हर राज्य की राजधानी में ऐसी जेलें बनाई जाएं। अमित शाह ने जानकारी दी कि फिलहाल भारत के 338 प्रत्यर्पण अनुरोध दुनिया के अलग-अलग देशों में लंबित हैं। ये अनुरोध आर्थिक अपराध, आतंकवाद, और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर मामलों से जुड़े हैं।