तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत अब सवालों के घेरे में आ गई है। अभी तक मीडिया और पार्टी कार्यकर्ता ही इस पर सवाल खड़ा कर रहे थे लेकिन अब महत्वपूर्ण घटनाक्रम में चेन्नई हाइकोर्ट ने भी इस पर सवाल खड़ा कर दिया है।
हाईकोर्ट की अवकाशकालीन बेंच ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था तब वह नियमित डाइट ले रही थीं। ऐसे में उनकी मौत के बाद अब सच्चाई सामने आनी चाहिए।
सुनवाई कर रही बेंच के जस्टिस जेटी वैद्यलिंगम ने कहा कि मीडिया शुरू से इस मुद्दे पर तमाम सवाल खड़े कर रहा है, उनके समर्थकों को भी उनकी मौत पर शक है यहां तक की हमारा भी मानना है कि इस मुद्दे पर सच्चाई सामने नहीं आई।
बेंच ने आगे कहा कि हम क्यों नहीं उनकी मौत की सही जांच के लिए उनके शव को कब्र से बाहर निकलवा सकते हैं? हालांकि कोर्ट ने अभी इस मुद्दे पर कोई आदेश नहीं दिया है। मामले में कोर्ट की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और राज्य सरकारों को भी नोटिस भेजा है। कोर्ट ने यह टिप्पणी पार्टी कार्यकर्ता पीए जोसेफ की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान की।
खास बात ये है कि हाईकोर्ट की यह टिप्पणी उस समय आई है जब कुछ घंटे पहले ही एआईएडीएमके की ओर से जयललिता की सहेली शशिकला को सर्वसम्मति से पार्टी महासचिव चुना गया है।
When she was admitted in hosp,it was said that she was on proper diet.Atleast after her death now, truth should be revealed: Jt Vaidyalingam
— ANI (@ANI_news) December 29, 2016
"Media has raised a lot of doubts, personally I also have doubts in #Jayalalithaa's death," says Justice Vaidyalingam, Madras HC
— ANI (@ANI_news) December 29, 2016