एक माह पहले छात्राओं के साथ कथित यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार हुई महिला सहायक प्रोफेसर निर्मला देवी पर अब तस्करी का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मद्रास हाईकोर्ट को इससे अवगत कराया है।
सीबीसीआईडी ने अदालत में कहा कि पुलिस ने जांच में खुलासा किया कि निर्मला देवी ने अपने दो सहयोगियों मुरुगन और करुप्पासामी के साथ मिलकर इसकी साजिश रची थी। मामले में निर्मला के दोनों सहयोगियों को भी आरोपी बनाया गया था। दोनों आरोपियों के साथ निर्मला देवी के अवैध संबंध थे।
निर्मला ने आरोपियों को खुश करने के लिए अपने कॉलेज से छात्राओं को भेजना का वादा किया था। सीबीसीआईडी ने इस केस को अप्रैल में अपने हाथ में लिया था और मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मुरुगन और एक शोध छात्र करुप्पासामी पर मामला दर्ज किया था।
निर्मला ने विभिन्न मौकों पर चार छात्राओं को आरोपियों के सामने पेश किया था। इस खुलासे के बाद मामले को तस्करी, यौन उत्पीड़न, साजिश, अनैतिक तस्करी (रोकथाम) अधिनियम, तमिलनाडु प्रोहिबिशन ऑफ हैरासमेंट ऑफ वूमन एक्ट और इंर्फोमेशन एक्ट में बदल दिया गया।
मामले में तस्करी के दोषी होने पर कम से कम 10 साल और अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। सीबीसीआईडी के विशेष जांच विभाग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीपी लावण्या ने शुक्रवार को जस्टिस हुलुवाडी जी रमेश और के कल्याणसुंदरम की खंडपीठ को अपनी स्टेट्स रिपोर्ट सौंपी, जिसमें आरोपियों पर लगाए गए नए चार्ज के बारे में विवरण दिया गया है।