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मौत के मुंह की ओर ले जा रही है ये एक लत, हर महीने निगल रही 112 जानें

Mon, 27 May 2019 07:17 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Drugs Addict - फोटो : फाइल फोटो
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संयुक्त राष्ट्र के अध्ययन के मुताबिक साल 2017 में पूरी दुनिया में नशे की लत के कारण 2.6 लाख लोगों की मौत हुई। भारत के पंजाब में भी नशाखोरी के आंकड़े बढ़े हैं। पंजाब में 9 लाख लोग ड्रग्स लेते हैं, इसमें 3.5 लाख एडिक्ट हैं। सूबे में नशे से या इससे जनित बीमारी से हर महीने 112 लोगों की मौत होती है। ये लोगों का ही नहीं युवा हो रहे देश का भी नुकसान है। इसे भी किसी आतंकवादी घटना से कम नहीं आंका जा सकता।

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'ड्रग एब्यूज! प्रॉब्लम इज इंटेंस इन पंजाब और चंडीगढ़ पीजीआई व एम्स की संयुक्त रिपोर्ट कहती है कि नशे के कारण कई घर उजड़े। नपुंसकता से कई घर टूटे। एक सीरिंज से ड्रग लेने से एचआईवी/एड्स, हेपेटाइटिस-सी जैसी बीमारियां फैल रही हैं। जिनके इलाज में लाखों रुपया खर्च हो रहा है। एनसीबी की रिपोर्ट बताती है 2007-17 में देश में 25 हजार लोगों ने नशा न मिलने पर आत्महत्या कर ली, इसमें 74 फीसदी मामले पंजाब के रहे। 

रिसर्च फर्म इप्सोस के मुताबिक 40 फीसदी भारतीय चाहते हैं देश में सिगरेट, ई-सिगरेट और गांजा जैसी चीजों पर रोक लगे। ये तब है जब देश की करीब 14.6 फीसदी आबादी नशे की गिरफ्त में हैं, जबकि पंजाब हर तरह के नशे में अव्वल है। 
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पंजाब में नशे के कारोबार को लेकर जब तीन साल पहले 'उड़ता पंजाब' फिल्म आई थी तब काफी हो-हल्ला हुआ था। आज भी तेजी से युवा देश में तब्दील होते देश के लिए एम्स नई दिल्ली का सर्वे भी चौंकाता है। 10 से 75 वर्ष की उम्र के लोगों पर किए इस सर्वे के अनुसार करीब 14.6 फीसदी भारतीय अल्कोहल के आदि हैं। हर 5 में एक ऐसा है, जिसे तत्काल इलाज की जरूरत है। इनका आंकड़ा करीब 5.7 करोड़ है। 

सबसे ज्यादा नशे का कारोबार के मामले में पंजाब का नाम पहले पांच राज्यों में आता है। पंजाब के अलावा छत्तीसगढ़, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और गोवा में सबसे ज्यादा 10 प्रतिशत से अधिक लोग शराब सेवन करते हैं। पुरुषों में नशे की आदत महिलाओं से 17 गुना ज्यादा है।

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चरस और गांजे के बजाया भांग

सर्वे सिर्फ ये नहीं बताता कि कितने नशे की गिरफ्त में हैं, बल्कि ऐसे लोग भी हैं जो नशे के चंगुल से बाहर आना चाहते हैं। देश में लोग शराब, भांग, गांजा, चरस, अफीम, कोकीन, हेरोइन और विभिन्न रसायनों तथा पदार्थों का सेवन करते हैं। तकरीबन 2.8 फीसदी यानी 3.1 करोड़ लोगों ने पिछले 12 महीनों में भांग, गांजा या चरस लिया है। लगभग 72 लाख लोग इन मादक द्रव्यों का सेवन छोड़ना चाहते हैं। ज्यादातर चरस और गांजा के बजाय भांग लेते हैं। ऐसे मादक द्रव्यों का सेवन उत्तरप्रदेश, पंजाब, सिक्किम, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में अधिक है। 

युवाओं की सेना में भर्ती पर असर

आजादी के समय सेना में 50 फीसदी अधिकारियों की मौजूदगी पंजाब से होती थी। ऐसा ही हाल एयरफोर्स और नेवी का था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह आंकड़ा घटा है। वर्ष 2015-17 में करीब 45 हजार से ज्यादा युवाओं ने सैन्य परीक्षा दी, उनमें से 90 फीसदी फिजिकल टेस्ट में असफल रहे। 

खेल भी नहीं अछूते

भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता खेल बाजार है, इसमें भी पंजाब अव्वल है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 में पंजाब ने नौ पदक जीते थे। लेकिन इसमें भी नशे का असर दिखा है पिछले वर्ष ऑस्ट्रेलिया में कॉमनवेल्थ खेलों में पंजाब ने महज 3 पदक जीते।
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