सर्वे सिर्फ ये नहीं बताता कि कितने नशे की गिरफ्त में हैं, बल्कि ऐसे लोग भी हैं जो नशे के चंगुल से बाहर आना चाहते हैं। देश में लोग शराब, भांग, गांजा, चरस, अफीम, कोकीन, हेरोइन और विभिन्न रसायनों तथा पदार्थों का सेवन करते हैं। तकरीबन 2.8 फीसदी यानी 3.1 करोड़ लोगों ने पिछले 12 महीनों में भांग, गांजा या चरस लिया है। लगभग 72 लाख लोग इन मादक द्रव्यों का सेवन छोड़ना चाहते हैं। ज्यादातर चरस और गांजा के बजाय भांग लेते हैं। ऐसे मादक द्रव्यों का सेवन उत्तरप्रदेश, पंजाब, सिक्किम, छत्तीसगढ़ और दिल्ली में अधिक है।
युवाओं की सेना में भर्ती पर असर
आजादी के समय सेना में 50 फीसदी अधिकारियों की मौजूदगी पंजाब से होती थी। ऐसा ही हाल एयरफोर्स और नेवी का था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यह आंकड़ा घटा है। वर्ष 2015-17 में करीब 45 हजार से ज्यादा युवाओं ने सैन्य परीक्षा दी, उनमें से 90 फीसदी फिजिकल टेस्ट में असफल रहे।
खेल भी नहीं अछूते
भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता खेल बाजार है, इसमें भी पंजाब अव्वल है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 में पंजाब ने नौ पदक जीते थे। लेकिन इसमें भी नशे का असर दिखा है पिछले वर्ष ऑस्ट्रेलिया में कॉमनवेल्थ खेलों में पंजाब ने महज 3 पदक जीते।