गुजरात के कच्छ के बन्नी में चार वर्ग किलोमीटर में चीता प्रजनन और संरक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) की अनुमति ली जाएगी, क्योंकि चीता शेड्यूल एक तहत संरक्षित प्राणी है। वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने शुक्रवार को कार्यकारी समिति की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसकी निगरानी और प्रबंधन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को सौंपी गई है। सीजेडए अगले साल मार्च से कामकाज की निगरानी शुरू कर देगा।
इसे बन्नी में एकांत स्थान पर स्थापित किया जाएगा और इसे सख्त दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। तय इलाका पूरी तरह से बाहरी व्यक्तियों और पर्यटकों की आवाजाही के लिए प्रतिबंधित रहेगा। बन्नी घास मैदान इलाका शुष्क घासभूमि है। यह 2500 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और यहां किसी समय में चीतों की बहुतायत थी। बड़े घास के जंगल अभी भी चीतों के लिए अनुकूल आवास हैं।