इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की ओर से सुरेश कलमाडी और अभय चौटाला को आजीवन अध्यक्ष बनाए जाने का मामला इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के दरबार में पहुंचने जा रहा है। कलमाडी की तरह आजीवन अध्यक्ष पद नहीं छोडने पर अड़े चौटाला ने भी अपने तेवर नरम करते हुए कह दिया है कि अगर आईओसी उन्हें ऐसा करने को कहती है तो वह इस पद से त्याग पत्र दे देंगे।
यही नहीं खेल मंत्रालय के कारण बताओ नोटिस और इस विवाद को ही जड़ से खत्म करने के लिए आईओए ने आईओसी से अपने संविधान में संशोधन कराने की भी तैयारी कर ली है। आईओए अपने संविधान से चार्जशीटेट शब्द को निकालने जा रही है।
आईओए के संविधान में यही लिखा है कि कोई भी चार्ज शीटेड या दोषी व्यक्ति आईओए के किसी भी पद पर नहीं रह सकेगा। आईओए ने इस संविधान से चार्जशीटेड शब्द को हटाने का फैसला लिया है। अगर आईओसी इस संशोधित संविधान को मंजूरी दे देती है तो फिर कलमाडी और चौटाला को आजीवन अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर सारा विवाद खत्म हो जाएगा। आईओसी के समक्ष यह प्रस्ताव लेकर आईओए की तीन सदस्यीय कमेटी जाएगी।