भीमा-कोरेगांव केस में एनआईए ने आठ लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। इन आठ लोगों में आनंद तेलतुंबडे, गौतम नवलखा, हनी बाबू, सागर गोरखे, रमेश गायक, ज्योति जगताप, स्टेन स्वामी और मिलिंद तेलतुम्बडे का नाम शामिल है।
बता दें कि इससे पहले एनआईए ने रांची के रहने वाले 83 वर्षीय मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टैन स्वामी को हिरासत में लिया। इससे पहले उन्होंने भीमा-कोरेगांव मामले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता होने से मना किया था।
एनआईए के दो अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की कि स्वामी को भीमा कोरेगांव की जांच के सिलसिले में रांची से हिरासत में लिया था। हालांकि अधिकारियों ने यह जानकारी देने से मना कर दिया कि उनसे दोबारा पूछताछ क्यों की जा रही है। उनका कहना है कि स्वामी को पूछताछ के लिए गुरुवार को रांची स्थित दफ्तर में बुलाया गया था और इस मामले में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ की गई।
बता दें कि यह मामला 31 दिसंबर, 2017 के एल्गार परिषद की घटना से संबंधित है। इससे पहले स्टैन स्वामी से रांची में सात अगस्त को दो घंटे पूछताछ की गई थी और बाद में उन्हें आगे की पूछताछ के लिए मुंबई के एनआईए कार्यालय में बुलाया गया था। हालांकि उन्होंने एजेंसी को सूचित किया था कि वह अपना उम्र और कोरोना वायरस महामारी के कारण यात्रा नहीं कर सकते हैं।