एयरलाइन करार घूस मामले में मनी लांड्रिंग के आरोपी दीपक तलवार के खिलाफ एक अप्रैल से पहले आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा। तलवार की ओर से दायर याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाईकोर्ट को बुधवार को यह जानकारी दी। दीपक को दुबई से प्रत्यर्पित करा 31 जनवरी को भारत लाया गया था। तलवार ने गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कहा था कि उसे दुबई से अगवा कर भारत लाया गया।
दीपक तलवार की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर के जरिये दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर न्यायमूर्ति हीमा कोहली व न्यायमूर्ति विनोद गोयल की खंडपीठ के समक्ष ईडी के विशेष डीपी सिंह ने कहा कि उसके खिलाफ एक अप्रैल से पहले आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा। कोर्ट ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के खिलाफ तलवार की दलीलें सुनने से इंकार कर दिया, क्योंकि यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष विचाराधीन है। हालांकि, अदालत तलवार की गिरफ्तारी व उसकी हिरासत के संदर्भ में जिरह सुनेगी।
दूसरी ओर, तलवार की पत्नी दीपा व बेटे आदित्य से पूछताछ के लिए गैरजमानती वारंट लेने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में आवेदन दायर किया गया है। इस पर अदालत 30 मार्च को सुनवाई करेगी। एजेंसी का कहना है कि दीपा व आदित्य कई बार नोटिस के बाद भी जांच में शामिल नहीं हो रहे हैं।
यह है मामला
ईडी का आरोप है कि तलवार ने इंडियन एयरलाइंस के फायदे वाले रूट पर विदेशी एयरलाइन की उड़ानों का करार कराया था और इसके लिए उसके प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष नियंत्रण वाली कंसलटेंसी फर्म को अप्रैल 2008 से फरवरी 2009 के बीच कतर एयरवेज, एयर अमीरात व एयर अरबिया से छह करोड़ डॉलर से ज्यादा की घूस मिली थी। एजेंसी के मुताबिक, तलवार पर एक विदेशी कंपनी से सामाजिक दायित्व के नाम पर अपने एनजीओ के लिए 90 करोड़ से ज्यादा का अनुदान लेने का आरोप भी है। आयकर विभाग ने उस पर कर चोरी का मामला भी दर्ज कर रखा है।