विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमा वापस लेने और इंस्पेक्टर को हटाने की मांग को लेकर शनिवार को फतेहपुर सीकरी थाने पर प्रदर्शन के बाद जमकर बवाल बवाल हुआ। इन संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सीओ अछनेरा रविकांत पाराशर से खींचतान की।
आरोप है कि विश्व हिंदू परिषद के प्रांत विद्यार्थी प्रमुख जगमोहन चाहर ने सीओ को थप्पड़ जड़ दिया। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। बाद में लोगों ने थाने पर पथराव कर दिया। पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया। दोनों ओर से तकरीबन आधे घंटे तक ईंट-पत्थर फेंके गए। इस दौरान कई लोगों को चोटें आईं। पुलिस ने मौके से छह कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं को पुलिस शहर के थाना सदर बाजार में ले आई थी। रात में हिंदू संगठनों और भाजपा नेताओं को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली वे सदर थाने पर पहुंच गए और हंगामा कर दिया। वे कार्यकर्ताओं को छोड़ने का दबाव बना रहे थे। उनके प्रदर्शन को देखते हुए सदर थाने पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए।
देर रात तक हंगामा चलता रहा। भाजपा के कई नेता भी वहां पहुंच गए। लोगों को उग्र होते देख पुलिस ने यहां भी लाठीचार्ज किया। इससे आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। एक दारोगा संतोष कुमार की बाइक में आग लगा दी और उसकी सर्विस रिवाल्वर भी छीन ले गए।
इससे पहले फतेहपुर सीकरी की घटना की सूचना पाकर डीएम गौरव दयाल और एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह मौके पर पहुंच गए। दूसरी ओर, विधायक चौधरी उदयभान सिंह और सांसद पुत्र राकेश चौधरी भी वहां पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों से बात कर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की निंदा की। साथ ही बवाल के दौरान शनिवार को हिरासत में लिए गए प्रांत विद्यार्थी प्रमुख जगमोहन चाहर, विहिप के सागर चौधरी, जिला गौरक्षा प्रमुख ओमी टीकरी, भाजपा के उदयवीर सिंह, मोनू और हेमेंद्र तिवारी को छोड़ने के लिए कहा। लेकिन अधिकारियों ने आरोपियों को छोड़ने से इनकार कर दिया। थाने के घेराव के दौरान कार्यकर्ताओं की एसपी देहात मंशाराम गौतम और उपजिलाधिकारी निधि गुप्ता से भी तीखी बहस हुई।