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Kolkata Airport: अभिषेक बनर्जी के स्वागत से पहले कोलकाता एयरपोर्ट पर बवाल, TMC-भाजपा कार्यकर्ताओं में झड़प

Fri, 19 Jun 2026 10:35 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता पहुंचने से पहले एयरपोर्ट पर उस समय तनाव फैल गया, जब TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच हुई कहासुनी धक्का-मुक्की में बदल गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। आइए, विस्तार से पूरे मामले को जानते हैं... 
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भाजपा-टीएमसी कार्यकर्ताओं में मारपीट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता पहुंचने से पहले एयरपोर्ट परिसर में टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। अभिषेक बनर्जी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में समर्थक एयरपोर्ट पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिसके बाद धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच पहले बहस हुई, जो बाद में झड़प में बदल गई। घटना के चलते एयरपोर्ट परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही सुरक्षा कर्मियों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
 

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सुकांत मजूमदार ने की ये अपील

इस बीच केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि मैं लोगों से शांति बनाए रखने और कानून पर भरोसा रखने की अपील करता हूं। किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। घटना के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की निगरानी कर रही है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

दिल्ली से लौटे थे अभिषेक बनर्जी?

अभिषेक बनर्जी शुक्रवार को दिल्ली से कोलकाता लौट रहे थे। दिल्ली दौरे के दौरान अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपनी पार्टी के 20 बागी सांसदों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं सौंपीं। इन सांसदों ने टीएमसी छोड़कर नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय का दावा किया है।

अभिषेक ने दलबदल कानून का हवाला देते हुए कहा कि जो सांसद पार्टी के चुनाव चिह्न पर जीतकर दूसरी पार्टी में शामिल हो गए हैं, उन्हें लोकसभा सदस्य बने रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने स्पीकर से बागी सांसदों को किसी भी तरह की अलग मान्यता या सुविधा नहीं देने की मांग भी की।
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