जेजेबी की सदस्य के मुताबिक निम्न आर्थिक वर्ग के बच्चे सबसे ज्यादा अपराध की चपेट में आते हैं, क्योंकि इनके मां-बाप अक्सर काम के सिलसिले में उन्हें अकेला छोड़ जाते हैं। ऐसे में बच्चे ऐसे लोगों के संपर्क में आ जाते हैं जो इन्हें गलत रास्ते पर जाने के लिए प्रेरित कर देते हैं। उच्च आय वर्ग के कम ही बच्चे अपराध की तरफ आगे बढ़ते हैं।
बच्चों में नशा बढ़ा देता है अपराध की दर
बाल अपराध पर काम कर रहे एक विशेषज्ञ के मुताबिक मां-बाप की लापरवाही और कुछ अन्य लोगों के गलत मकसद के कारण बच्चे नशे की चपेट में आ जाते हैं। एक बार नशे की लत लगने के बाद ये नशे की पूर्ति के लिए छोटी-मोटी चोरी जैसे अपराध करने लगते हैं। इसके बाद इनके गंभीर अपराध करने की संभावना भी बढ़ जाती है।
क्यों बढ़ रही बाल-अपराध की दर
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों को देखें तो बाल अपराध में आंशिक बढ़ोतरी साफ दिख जाती है। पर क्या वास्तव में बाल अपराध में तेजी आ रही है? बाल विकास पर काम कर रहे एक विशेषज्ञ के मुताबिक NCRB के आंकड़ों में जो तेजी दिख रही है।