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पूर्वी कमान में नेतृत्व परिवर्तन: ले. जन. VMB कृष्णन ने संभाली कमान, ले. जन. राम चंदर तिवारी हुए सेवानिवृत्त

सार

गुरुवार को नए सेना कमांडर के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने पदभार संभालते ही स्पष्ट किया कि पूर्वी क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। करीब चार दशक के अनुभव के साथ वह इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में आए हैं। 
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पूर्वी कमान में नेतृत्व परिवर्तन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्वी कमान में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। लगभग चार दशक की शानदार सैन्य सेवा के बाद गुरुवार को लेफ्टिनेंट जनरल राम चंदर तिवारी पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (जीओसी-एन-सी) से सेवानिवृत्त हो गए। उनके स्थान पर लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने कमान संभाल ली है।
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पूर्वी कमान ने की उल्लेखनीय प्रगति
लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी का कार्यकाल पूर्वी क्षेत्र जैसे संवेदनशील और सक्रिय सैन्य मोर्चे पर बेहद अहम माना जाता है। उनके नेतृत्व में पूर्वी कमान ने ऑपरेशनल तैयारी, सैन्य आधुनिकीकरण और तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने में उल्लेखनीय प्रगति की। सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उन्होंने सिविल प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया।

उत्तर-पूर्व में शांति और स्थिरता में अहम रणनीति
उत्तर-पूर्व में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए उनके कार्यकाल में संतुलित रणनीति अपनाई गई, जिसमें काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशंस, सुरक्षा बलों की क्षमता वृद्धि और स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास निर्माण पर विशेष जोर रहा। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नई तकनीकों के उपयोग से कमान की कार्यक्षमता और निर्णय प्रक्रिया को भी मजबूत किया गया। सेवानिवृत्ति के समय लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने पूर्वी कमान के सभी अधिकारियों और जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया। सेना ने उनके योगदान को एक दूरदर्शी और समर्पित नेतृत्व के रूप में सराहा है।
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लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने संभाला पदभार
वहीं, गुरुवार को ही नए सेना कमांडर के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल वीएमबी कृष्णन ने पदभार संभालते ही स्पष्ट किया कि पूर्वी क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। करीब चार दशक के अनुभव के साथ वह इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में आए हैं। 11 जून 1988 को भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णन ने सियाचिन जैसे कठिन इलाकों में इन्फैंट्री बटालियन और ब्रिगेड की कमान संभाली है। वह इन्फैंट्री डिवीजन और ब्रह्मास्त्र कोर के जीओसी भी रह चुके हैं।

रणनीतिक स्तर पर उन्होंने रक्षा मंत्रालय (सेना) में सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक और लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में डिफेंस अटैची के रूप में सेवाएं दी हैं। सेना मुख्यालय में क्वार्टर मास्टर जनरल के रूप में उन्होंने लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण सुधार किए। पदभार ग्रहण करने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल कृष्णन ने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और सभी रैंकों से उच्चतम स्तर की तैयारी बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने तकनीकी एकीकरण, संयुक्तता और सभी एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल पर जोर दिया, ताकि पूर्वी क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
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