फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वीडियो: जब पीएम मोदी से गले लगकर रो पड़े इसरो अध्यक्ष के सिवन

Sat, 07 Sep 2019 10:43 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
विज्ञापन
इसरो अध्यक्ष को गले लगाते पीएम मोदी - फोटो : ANI
विज्ञापन

भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने ही वाला था कि अचानक केवल 2.1 किलोमीटर दूर चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से   इसरो का संपर्क टूट गया। जिसके बाद कंट्रोल रूम में मायूसी छा गई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसरो मुख्यालय में मौजूद थे। सन्नाटे के बीच बाहर निकल चुके प्रधानमंत्री दोबारा कंट्रोल रूम में दाखिल हुए और वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने वैज्ञानिकों को हिम्मत देते हुए कहा कि अबतक आपने जो किया, वह कम बड़ी उपलब्धि नहीं है।

विज्ञापन





इसके बाद शनिवार सुबह दोबारा प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि विज्ञान में असफलता नहीं बल्कि प्रयास और प्रयोग होते हैं। मैंने आपके सुबह-सुबह दर्शन आपसे प्रेरणा पाने के लिए किए हैं। आपकी आंखों में प्रेरणा का समुंदर है। आपके सपने मुझसे और ऊंचे हैं, आपका संकल्प मुझसे भी ऊंचा है। हम अमृत की संतान हैं। हमें सबक लेना है, सीखना है, आगे बढ़ते जाना है।

वैज्ञानिकों को संबोधित करने के बाद जब प्रधानमंत्री इसरो मुख्यालय से जाने लगे तो अध्यक्ष के सिवन प्रधानमंत्री से गले लगकर भावुक हो गए। प्रधानमंत्री ने रोते हुए सिवन की पीठ थपथपाकर हौसला बढ़ाया। उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि हम निश्चित तौर पर सफल होंगे। इसके बाद के हर प्रयास में कामयाबी हमारे साथ होगी।

भावुक हुए इसरो अध्यक्ष

इसरो अध्यक्ष प्रधानमंत्री मोदी को उनकी गाड़ी तक छोड़ने के लिए पहुंचे। इस दौरान वह खुद को संभाल नहीं पाए और भावुक हो गए। जिसके बाद प्रधानमंत्री ने गले लगाकर उनकी पीठ थपथपाई। फिर प्रधानमंत्री गाड़ी में बैठे और के सिवन ने हाथ हिलाकर उन्हें अलविदा कहा। इसी बीच सिवन की आंसुओं से भरी आंखें और चेहरे पर निराशा का भाव साफ दिखाई दे रहा था। खुद प्रधानमंत्री भी थोड़े भावुक दिखाई दिए।

बाधाओं से न करें दिल छोटा

मोदी ने इसरो केंद्र में दिए अपने संबोधन में वैज्ञानिकों से चंद्र मिशन में बाधाओं से दिल छोटा न करने के लिए कहा और कहा कि एक नई सुबह जरूर होगी। जैसे ही प्रधानमंत्री ने अपना भाषण पूरा किया तो सिवन उन्हें छोड़ने के लिए साथ आए। जब प्रधानमंत्री अपनी कार में बैठने जा रहे थे तो उन्होंने सिवन को आत्मीयता से गले लगाते हुए उन्हें दिलासा दिया। सिवन उस वक्त रो पड़े।

विज्ञापन


सिवन इस महत्वाकांक्षी मिशन के योजना के अनुसार न जाने की अपनी निराशा को छिपा नहीं सके। इससे पहले सिवन ने रुंधे गले से घोषणा की कि लैंडर का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया है और आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है। सिवन के सहकर्मी उन्हें कठिन काम को पूरा करने में माहिर लेकिन सादा और हंसमुख व्यक्ति बताते हैं।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें