विशेषज्ञों की मानें तो लॉन्चिंग से महज घंटे भर पहले तकनीकी खामी ढूंढ लेना बड़ी बात है। इसरो वैज्ञानिकों द्वारा अंतिम क्षणों में यह तकनीकी कमी खोज लेना बेहद बड़ा कदम है। अगर इस कमी के साथ रॉकेट छूटता तो बड़ा हादसा हो सकता था। विशेषज्ञों का कहना था कि वैज्ञानिकों ने गलती खोज ली, यह उनका महारत है। इसरो के वैज्ञानिकों ने जल्द ही कमी दूर कर लॉन्चिंग की नई तारीख घोषित करने की बात कही है।