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चंद्रयान-2: इसरो का लैंडर विक्रम से संपर्क टूटने को लेकर नया खुलासा, ग्राफ में दिखा सबूत

Wed, 11 Sep 2019 05:11 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारत से पहले कई विकसित देश चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने में असफल रहे हैं - फोटो : PTI
इसरो के चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के महत्वकांक्षी मून मिशन चंद्रयान-2 को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। लैंडर विक्रम से इसरो का संपर्क चंद्र सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर नहीं बल्कि 335 मीटर पर टूटा था। इसरो के मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स से जारी तस्वीर से इस बात का खुलासा हुआ है।



 
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Chandrayaan 2 - फोटो : DD News
चंद्रयान-2 का लैंडर विक्रम इसरो के एक ग्राफ में दिखाई दे रही तीन रेखाओं के बीच में स्थित लाल रेखा पर चल रहा था। लाल रेखा इसरो द्वारा निर्धारित लैंडर विक्रम का पूर्व निर्धारित पथ था। विक्रम लैंडर के आगे बढ़ने के साथ ही लाल रंग की रेखा के उपर हरे रंग की रेखा स्पष्ट दिखाई दे रही थी। 
 
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चंद्रयान-2 विक्रम लैंडर - फोटो : Twitter(isro)
चंद्रमा की सतह से 4.2 किलोमीटर की ऊंचाई पर भी विक्रम लैंडर अपने पूर्व निर्धारित पथ से थोड़ा भटका लेकिन जल्द ही उसे सही कर दिया गया। इसके बाद जब चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर चंद्र सतह से  2.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा तो वह अपने पथ से भटक कर दूसरे रास्ते पर चलने लगा। 


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चंद्रयान- 2 - फोटो : ISRO
जिस समय चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर ने अपना निर्धारित पथ छोड़ा उस समय उसकी गति  59 मीटर प्रति सेकंड थी। पथ भटकने के बावजूद सतह से 400 मीटर की ऊंचाई पर विक्रम लैंडर की गति लगभग उस स्तर पर पहुंच चुकी थी जिस पर उसे सॉफ्ट लैंडिंग करनी थी। 

 
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विक्रम लैंडर - फोटो : isro
मिशन ऑपरेशन कॉम्प्लेक्स की स्क्रीन पर दिखाई दे रहे ग्राफ में लैंडिग के लिए पूर्व निर्धारित 15 मिनट के 13वें मिनट में स्क्रीन पर एक हरे धब्बे के साथ सब कुछ रुक गया। उस समय विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह से 335 मीटर की ऊंचाई पर था। 
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