कोरोना की दूसरी लहर महाराष्ट्र में कहर बनकर टूट पड़ी है। प्रदेश में जनता इलाज के लिए तड़प रही है, लेकिन महाराष्ट्र सरकार मदद करने के बजाय महामारी का राजनीतिकरण कर रही है।
महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत दादा पाटिल ने यह आरोप लगाते हुए राज्य सरकार को सलाह दी है कि केंद्र सरकार के खिलाफ बयानबाजी कर लोगों का ध्यान भटकाने की बजाय कोरोना संकट सुलझाने की कोशिश करें। देश में सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमण महाराष्ट्र में हैं और लोग मौत के साये में जी रहे हैं।
पाटिल ने कहा है कि प्रदेश की महाविकास आघाड़ी सरकार महाराष्ट्र की जनता के प्रति अपनी जवाबदेही निभाने में लगातार नाकाम रही है। राज्य सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश में विवाद पैदा कर रही है।
उन्होंने कहा कि एनसीपी के मंत्री नवाब मलिक ने केंद्र सरकार द्वारा 16 कंपनियों को महाराष्ट्र में रेमडेसिविर की सप्लाई प्रतिबंधित करने के जो आरोप लगाए, वे बिल्कुल बचकाने और हास्यास्पद थे। उन्होंने राज्य की जनता को गुमराह करने की कोशिश की।