वहीं मुलाकात के बाद राहुल ने कहा कि सभी विपक्षी दल भाजपा को हराने के लिए साथ काम करेंगे। सभी दल सुनिश्चित करेंगे कि लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमले बंद हों। वहीं, नायडू ने कहा कि देश को बचाने के लिए विपक्षी दलों को पुरानी बातें भुलाकर साथ काम करना होगा। नायडू ने करीब 30 साल पहले कांग्रेस के खिलाफ टीडीपी का गठन किया था।
राहुल गांधी-चंद्रबाबू नायडू
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राहुल ने कहा, ‘पुरानी बातों को छोड़कर देश, लोकतंत्र और प्रमुख संस्थाओं को बचाने के लिए हम सहमत हैं। देश को बचाने के लिए हम युवाओं को विजन देंगे। भाजपा लोकतंत्र और संविधान पर आक्रमण कर रही है। हम उसे रोकने के लिए एक साथ काम करने जा रहे हैं।’
सीबीआई का जिक्र करते हुए कहा, मौजूदा हालात से साफ है कि भ्रष्टाचार हो रहा है। जांच करने वाली संस्थाओं पर हमले हो रहे हैं। देश पूरे मामले की जांच के साथ ही जानना चाहता है कि पैसा कहां गया और किसने भ्रष्टाचार किया।
इससे पहले नायडू ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार और नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए हम न्यूनतम साझा कार्यक्रम लाएंगे। नायडू ने कहा कि हम सभी साझा मंच पर मुलाकात कर आगे की रणनीति को अंतिम रूप देंगे।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आपकी रुचि पीएम प्रत्याशी में है, जबकि हमारी रुचि देश में है। नायडू ने टीएमसी नेता ममता बनर्जी और आरजेडी नेता तेजस्वी से टेलीफोन पर बात की। वह डीएमके से भी जल्द बात करेंगे। शरद पवार भी यूपी में सपा नेता अखिलेश यादव और बसपा नेता मायावती से बात करेंगे।
वहीं एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, ‘गैर-भाजपा दल सरकार का मुकाबला करने के लिए न्यूनतम साझा कार्यक्रम लाएंगे। चंद्रबाबू नायडू पहल करेंगे और कांग्रेस समेत गैर-भाजपा दलों से बातचीत करेंगे। हम सामूहिक रूप से लोकतंत्र को बचाने के लिए काम करते हैं, तो आरबीआई और सीबीआई जैसे संस्थानों को बचा सकते हैं।’
इसी कवायद में चंद्रबाबू नायडू ने माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी से भी देर शाम मुलाकात की।