आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू कोलकाता पहुंच चुके हैं। यहां उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की है। बताया जा रहा है इस दौरान उन्होंने 22 नवंबर को दिल्ली में होने वाली विपक्ष की बैठक के लिए ममता को आमंत्रित किया।
मुलाकात के बाद नायडू ने कहा, 'वरिष्ठ नेताओं के रूप में, मेरी और ममता जी की कुछ जिम्मेदारियां हैं। हमें राष्ट्र और लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है, हमें संस्थानों की रक्षा करना है। आप पिछले कई दिनों से देख रहे हैं, लोकतंत्र खतरे में है। सीबीआई, ईडी, आरबीआई और अन्य जैसे संस्थान दबाव में हैं।'
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में शामिल होने के लिए कांग्रेस, टीडीपी, आम आदमी पार्टी, जेडीएस, एनसीपी और टीएमसी मान गए हैं। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि मायावती ने बैठक में शामिल होने के लिए हामी नहीं भरी है। बैठक में एंटी भाजपा फ्रंट को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इस बैठक में लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति तय की जाएगी।
सभी दलों को करीब लाने का जिम्मा इस बार तेलुगू देशम पार्टी और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने लिया है। इससे पहले उन्होंने अमरावती में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत से भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात में यह तय हुआ था कि भाजपा के खिलाफ विपक्ष के सभी बड़े दल 22 नवंबर को दिल्ली में बैठक करेंगे। इस बैठक में नोटबंदी, सीबीआई आदि मुद्दों पर भी चर्चा होगी।
केवल इतना ही नहीं नायडू विपक्ष के कई नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। यह बैठक ठीक ममता के उस फैसले के बाद आयोजित की गई है जिसमें उन्होंने आंध्र प्रदेश की तरह ही अपने राज्य में भी मामलों की जांच के लिए सीबीआई के प्रवेश पर पाबंदी लगाई थी।