भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के महानिदेशालय 'केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना' (सीजीएचएस) ने अब सेवारत कर्मियों व पेंशनरों को बड़ी राहत प्रदान की है। सीजीएचएस कार्ड धारकों को अपने शरीर से संबंधित कई तरह के टेस्ट कराने के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दिल्ली में अनेक स्थानों पर अब 'सीजीएचएस डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी' (नैदानिक प्रयोगशाला) सेवा शुरू की गई है। यानी ये डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी, प्राइवेट अस्पतालों में नहीं, बल्कि सरकार के अधिकार क्षेत्र वाले 'वेलनेस सेंटर एवं पॉलीक्लिनिक' में रहेंगी। ज्यादातर टेस्टों की जांच रिपोर्ट उसी दिन शाम को मिल जाएगी। रिपोर्ट हासिल करने के लिए कर्मी को सीजीएचएस डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी पर नहीं आना होगा। वह रिपोर्ट ऑनलाइन भेज दी जाएगी। अगर कोई कार्ड धारक चाहता है कि उसे रिपोर्ट की हार्ड कॉपी चाहिए तो वह संबंधित सेंटर पर आकर रिपोर्ट की कॉपी ले सकता है।
सरकार की सलाह न मानने वाले निजी अस्पतालों पर हुई थी कार्रवाई
केंद्रीय कर्मियों व पेंशनरों को 'सीजीएचएस' की लिस्ट में शामिल निजी स्वास्थ्य केंद्रों पर कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कुछ सेंटर तो ऐसे होते हैं, जहां पर सीजीएचएस के नियमानुसार, कार्ड धारकों को सुविधाएं मुहैया नहीं कराई जाती। पिछले दिनों इसी वजह से सीजीएचएस के एम्पैनलमेंट सेल ने दिल्ली एनसीआर में निजी अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की थी। सरकार की गाज गिरने वाले 64 स्वास्थ्य केंद्रों में अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर, डेंटल क्लीनिक व नेत्र चिकित्सा केंद्र शामिल थे। इन निजी संगठनों ने 'स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय' की सलाह नहीं मानी थी। सीजीएचएस सूची में शामिल इन संगठनों से कहा गया था कि वे एनएचए आईटी प्लेटफार्म पर आएं। सीजीएचएस पेंशनर लाभार्थियों के केस में इन संगठनों से बिल भेजने के लिए ऑनलाइन सिस्टम को अपनाने की सलाह दी गई थी। मंत्रालय की 'पेपरलेस एनवायरमेंट' की अपील को निजी स्वास्थ्य संगठनों ने दरकिनार कर दिया। इन्हें रिमांडर भी दिया गया, लेकिन निजी संगठन पेपरलेस सिस्टम पर नहीं आए। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन्हें सीजीएचएस सूची से ही बाहर कर दिया।
सीजीएचएस कार्ड धारकों को 71 शहरों में मिल रही सेवा
केंद्र सरकार के लगभग 35 लाख कर्मी, सीजीएचएस सेवा का लाभ उठा रहे हैं। यह संख्या बढ़ती-घटती रहती है। सीजीएचएस की सूची में शामिल कोई भी अस्पताल किसी सदस्य को आपातकालीन इलाज के लिए मना नहीं कर सकता। बिना किसी कारण के यदि वह ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। सीजीएचएस पैनल वाले अस्पताल मरीज को दाखिल करने से भी मना नहीं कर सकते और न ही उसके परिजनों से एडवांस पेमेंट मांग सकते हैं। ऐसे अस्पताल का नाम तुरंत प्रभाव से सीजीएचएस सूची से हटा दिया जाता है। सरकारी कर्मियों व पेंशनरों को लगभग 71 शहरों में सीजीएचएस सेवा मुहैया कराई जा रही है। सीजीएचएस लाभार्थी, ऐसे किसी भी अस्पताल में भर्ती हो सकता है, जो सीजीएचएस पैनल पर आता हो। इसके लिए कार्ड धारक को किसी से पूर्व इजाजत लेने की आवश्यकता नहीं है।
यहां मिलेगी 'सीजीएचएस डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी' सुविधा
केंद्र सरकार के वेलनेस सेंटर और पॉलिक्लीनिक पर यह सुविधा मुहैया कराई गई है। कई सेंटर ऐसे भी हैं, जहां पर अभी इस सुविधा को शुरू होने में किन्हीं कारणों से कुछ दिन की देरी हो सकती है। हालांकि सरकार ने वहां पर तकनीकी उपकरण एवं अन्य संसाधन उपलब्ध करा दिए हैं। 'सीजीएचएस डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी' में कर्मियों एवं पेंशनरों के लिए निशुल्क सेवाएं रहेंगी। सैंपल एकत्रित करने की सुविधा 'हिंद लैब' पर उपलब्ध है। हिंद लैब, भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होती है।
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