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CGHS: 48 लाख सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए जरूरी ये सात बातें, इन्हें मानेंगे तो इलाज में नहीं आएगी कोई परेशानी

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सीजीएचएस। - फोटो : अमर उजाला।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अंतर्गत 'केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना' (सीजीएचएस) मुख्यालय ने अपने 48 लाख लाभार्थियों को सात जरूरी सलाह दी हैं। मुख्यालय का कहना है कि अगर सीजीएचएस लाभार्थी, इनका पालन करते हैं तो उन्हें किसी भी सरकारी/इम्पैनल्ड (सूचीबद्ध) अस्पताल में इलाज के दौरान कोई परेशानी नहीं होगी। सीजीएचएस के सभी लाभार्थियों को जो सलाह दी गई हैं, उनमें इम्पैनल्ड (सूचीबद्ध) अस्पताल, जांच, रेफरल, तीन हजार रुपये से अधिक के खर्च वाला टेस्ट, आंखों की जांच और स्पेशलिस्ट डॉक्टर द्वारा बताई गई जांच आदि बातें शामिल हैं। 
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सीजीएचएस मुख्यालय के मुताबिक, मौजूदा निर्देशों में स्पष्टता की कमी के कारण, इस कार्यालय में मेडिकल क्लेम के रीइम्बर्समेंट (खर्च की वापसी) से जुड़े मुद्दे आ रहे हैं। जब क्लेम की जांच या उन्हें आगे बढ़ाया जाता है तो उस वक्त ये मुद्दे सामने आते हैं। ऐसे में फाइलों को दोबारा से एक डेस्क से दूसरे डेस्क पर पहुंचाना पड़ता है। दस्तावेजों की छानबीन होती है। ये सब इसलिए होता है कि कुछ सीजीएचएस लाभार्थी, तय नियमों का पालन नहीं करते। इससे उनके बिल पास होने की प्रक्रिया लंबी हो जाती है। दूसरा, संबंधित विभाग और सीजीएचएस का भी कामकाज बढ़ जाता है। 

इन नियमों का करें पालन, नहीं होगी दिक्कत:   
  • -अगर सीजीएचएच कार्डधारक ने किसी इम्पैनल्ड (सूचीबद्ध) अस्पताल में चेक कराया है तो उसके बाद की फॉलो-अप सलाह/जांच/छोटी प्रक्रियाएं केवल उसी इम्पैनल्ड अस्पताल में की जा सकती हैं, जहां पर शुरुआती सलाह ली गई थी।
  • -अगर किसी इम्पैनल्ड अस्पताल/एचसीओ के स्पेशलिस्ट द्वारा 3000 रुपये तक (हर टेस्ट/जांच के लिए) की कोई जांच/टेस्ट लिखा जाता है, तो वह जांच/टेस्ट उसी अस्पताल/एचसीओ में किया जाना चाहिए, जहां शुरुआती सलाह ली गई थी। 
  • -अगर लाभार्थी किसी दूसरे अस्पताल/एचसीओ/डायग्नोस्टिक सेंटर से टेस्ट/जांच (सीजीएचएस से जुड़े) करवाना चाहता है, तो उसे सीजीएचएस वेलनेस सेंटर से अग्रिम या पहले ही रेफरल/अनुमोदन लेना होगा। 
  • -सीटी स्कैन, एमआरआई स्कैन, पीईटी स्कैन जैसी खास जांचों और 3000 रुपये से अधिक खर्च वाली किसी भी अन्य जांच के लिए भी 
  • सीजीएचएस से रेफरल/अनुमोदन जरूरी होगा। 
  • -हर कंसल्टेशन (डॉक्टर से सलाह) सात दिनों की अवधि के लिए मान्य होगी, बशर्ते वह एक ही स्पेशलिटी से संबंधित हो। 
  • -आंखों की जांच की फीस में रिफ्रैक्शन, टोनोमेट्री और फंडस जांच शामिल हैं।
  • -सीजीएचएस से जुड़े अस्पताल के स्पेशलिस्ट द्वारा बताई गई ऐसी जांच/प्रक्रिया करवाने के लिए, जो लिस्ट में शामिल नहीं है, उसके लिए विभाग/कार्यालय से पहले से अनुमति लेना जरूरी है।
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