केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) कैंटीनों में स्वदेशी बनाम विदेशी की मुहिम कैंटीन के सीईओ के लिए भारी साबित हुई है, जिन्हें उनके पद से हटाते हुए उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया है। इस अभियान के तहत कैंटीन में केवल स्वदेशी उत्पादों की बिक्री के लिए 1026 आयातित वस्तुओं पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया था। हालांकि, बाद में इस आदेश को वापस ले लिया गया था क्योंकि इस प्रतिबंध के बाद कैंटीन लगभग खाली होने की स्थिति में आ गई थीं।
29 मई को जारी किए गए इस आदेश को वापस लेने के बाद कहा गया था कि सूची बनाने में कोई गड़बड़ हुई है और इसमें जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई की जद में आए हैं सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) से आए सीएपीएफ कैंटीन के सीईओ। एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन्हें इनके पद से हटाते हुए इनके मूल कैडर सीआरपीएफ में वापस भेज दिया गया है।
आदेश में कहा गया था कि कैंटीन के उत्पादों को तीन भागों में बांट दिया गया है। पहला वे उत्पाद जो पूर्णत: स्वदेशी हैं। दूसरा, कच्चा माल बाहर से आया है, लेकिन उन्हें तैयार यहां किया गया है। तीसरा, पूरी तरह से आयातित उत्पाद। पहली और दूसरी श्रेणी में आने वाली वस्तुओं की बिक्री होगी। तीसरी श्रेणी की वस्तुओं की बिक्री नहीं होगी। गृह मंत्रालय ने कहा था कि इस संबंध में जल्द ही नए आदेश जारी किए जाएंगे।
पीएम मोदी ने की थी स्वदेशी अपनाने की अपील
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मई 2020 में कहा था कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब लोकल प्रॉडक्ट्स (भारत में बने उत्पाद) का उपयोग करना होगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील की थी कि खादी की तरह वे दूसरे उत्पादों में भी स्वदेशी को तव्वजो दें। उनकी इस अपील पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने सबसे पहले काम करना शुरू किया।