शहर चुनें

अपना शहर चुनें

Top Cities
States

उत्तर प्रदेश

दिल्ली

उत्तराखंड

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

पंजाब

हरियाणा

महाराष्ट्र सरकार का आरोप, भीमा कोरेगांव मामला बिना अनुमति एनआईए को सौंपा 

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 24 Jan 2020 11:07 PM IST
विज्ञापन
Bhima Koregaon
पुणे के भीमा-कोरेगांव में 2018 में हुई हिंसा मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में ले ली है। शुक्रवार शाम महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने आरोप लगाया कि एनआईए ने इसके लिए राज्य सरकार की अनुमति नहीं ली। फिलहाल इसकी जांच पुणे पुलिस कर रही है।

महाराष्ट्र सरकार ने बृहस्पतिवार को ही इसे एसआईटी को सौंपने का संकेत दिया था। एनआईए के इस कदम से महाराष्ट्र में शिवसेना की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार और केंद्र सरकार के बीच विवाद खड़ा हो सकता है।

इस बीच, एनआईए से जुड़े विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि एजेंसी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच का फैसला किया और इस बारे में महाराष्ट्र के डीजीपी को पत्र लिखा। वहीं, डीजीपी ने इस पर शनिवार को बात करने को कहा था।

एनसीपी नेता देशमुख ने ट्वीट कर कहा, 'शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस सरकार ने इस मामले की जड़ तक जाने का फैसला किया था, तभी केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया। मैं इस फैसले की आलोचना करता हूं। यह संविधान के खिलाफ है।'  
 

याद रहे कि एक जनवरी, 2018 को पुणे जिले में कोरेगांव-भीमा वॉर मेमोरियल के पास हिंसा भड़क गई थी। पुलिस ने दावा किया था कि 31 दिसंबर, 2017 को एल्गर परिषद कॉन्क्लेव में भड़काउ भाषण और माओवादी इस हिंसा के पीछे की वजह है।
विज्ञापन

एनसीपी-शिवसेना आमने-सामने

इससे पहले, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को सीएम उद्धव ठाकरे को पत्र लिखकर तत्कालीन देवेंद्र फडणवीस सरकार पर षड्यंत्र के तहत बुद्धिजीवियों को गिरफ्तार करवाने का आरोप लगाया था।

इस पर शिवसेना नेता और फडणवीस सरकार में गृह राज्यमंत्री रहे दीपक केसरकर ने कहा कि भीमा-कोरेगांव और एल्गार परिषद मामले में जो भी आरोप लगाए गए सुबूतों के आधार पर थे।

वहीं, एनसीपी-शिवसेना में मतभेद सामने आने पर भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने पूछा कि क्या पवार को पुलिस पर संदेह है? यदि शिवसेना दोषी होगी तो क्या उद्धव जांच कराएंगे?

पूर्व सीएम फडणवीस बोले- यह एकदम सही निर्णय
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले की जांच एनआईए को सौंपे जाने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि यह एकदम सही निर्णय है क्योंकि यह मामला महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है, यह पूरे देश से जुड़ा हुआ है। केंद्र सरकार ने सही कदम उठाया है, इससे शहरी नक्सलियों का पर्दाफाश होगा।



 
विज्ञापन

Recommended

bhima koregaon case bhima koregaon pune violence maharashtra maharashtra news maharashtra government maharashtra assembly anil deshmukh
विज्ञापन

Spotlight

Recommended Videos

View More Videos

Most Read

Next
Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।