केंद्र सरकार ने अलगाववादियों को मिलने वाली सरकारी सुविधाएं बंद करने का फैसला किया है। इसी विषय पर पाठकों की राय जानने के लिए अमर उजाला डॉट कॉम ने अपने पाठकों से सवाल पूछा कि क्या अलगाववादी नेताओं की सरकारी सुविधाएं बंद करने से कश्मीर में हिंसा पर लगाम लगेगी?
पाठकों की प्रतिक्रिया जानने के लिए तीन विकल्प दिए गए थे। पहला- हां, केंद्र का फैसला सही है, दूसरा- नहीं और तीसरा- कुछ नहीं सह सकते। ऑनलाइन पोल में कुल 7,219 पाठकों ने हिस्सा लिया। सबसे अधिक 89.93 फीसद यानी 6,492 पाठकों ने पहले यानी हां वाले विकल्प को चुना। इनका मानना है कि अलगाववादियों की सरकारी सुविधाओं को बंद करने का फैसला सही है। 8.27 फीसद यानी 597 लोगों का यह मानना नहीं और 1.8 फीसद यानी 130 लोगों का मानना है, कुछ कह नहीं सकते।