शीर्ष अदालत में दायर किए हलफनामे में अदालत ने कहा 'पिछले आठ वर्षों के दौरान, एनएफएसए के लागू होने के बाद से, भारत में जनसंख्या की प्रति व्यक्ति आय में वास्तविक रूप से 33.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने बड़ा दावा किया है। शीर्ष अदालत में केंद्र सरकार ने कहा कि 2013 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) लागू होने के बाद देश के निवासियों की प्रति व्यक्ति आय में सुधार हुआ है। केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दिए गए हलफनामे के मुताबिक, 2013 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के लागू होने के बाद से भारत में प्रति व्यक्ति आय में वास्तविक रूप से 33.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसमें केंद्र ने यह भी कहा है कि लोगों की प्रति व्यक्ति आय में इस वृद्धि का परिणाम यह हुआ है कि बड़ी संख्या में परिवारों को उच्च आय वर्ग में शामिल किया गया है।
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शीर्ष अदालत में केंद्र का दावा
शीर्ष अदालत में दायर किए हलफनामे में अदालत ने कहा 'पिछले आठ वर्षों के दौरान, एनएफएसए के लागू होने के बाद से, भारत में जनसंख्या की प्रति व्यक्ति आय में वास्तविक रूप से 33.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। लोगों की प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि ने बड़ी संख्या में परिवारों को उच्च आय वर्ग में ले जाने के लिए बाध्य किया है और वे 2013-14 की तरह असुरक्षित नहीं हो सकते हैं।' प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि का उल्लेख करते हुए अपने हलफनामे में केंद्र सरकार ने बताया कि 2013-14 में कमजोर मानी जाने वाली ग्रामीण आबादी के लिए 75 प्रतिशत और शहरी आबादी के लिए 50 प्रतिशत की ऊपरी सीमा काफी कम हो गई है। सरकार ने कहा कि एनएफएसए से अपात्र परिवारों को बाहर नहीं करने से केंद्र सरकार पर सब्सिडी का बोझ बढ़ जाता है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा यह हलफनामा प्रवासी श्रमिकों के लिए कल्याणकारी उपायों की मांग करने वाली याचिका के जवाब में दायर किया गया था।
2013 में लागू हुआ था राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम
बता दें कि सरकार ने 10 सितंबर, 2013 को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 को लागू किया था। इसका उद्देश्य लोगों को जीवन जीने के लिए सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण भोजन की पर्याप्त मात्रा तक पहुंच सुनिश्चित करके आत्म-सम्मान के साथ खाद्य और पोषण सुरक्षा प्रदान करना है। यह अधिनियम लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के तहत रियायती खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए ग्रामीण आबादी के 75 प्रतिशत तक और शहरी आबादी के 50 प्रतिशत तक कवरेज का प्रावधान करता है।