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केंद्र ने SC से कहा- POCSO एक्ट में होगा बदलाव, 12 साल तक की बच्ची से रेप पर फांसी की सजा

Fri, 20 Apr 2018 08:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट
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नाबालिग बच्चियों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों की वजह से देश में रेप के आरोपियों को मौत की सजा देने की मांग तेजी से उठी थी। जिसके बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा था कि वह बलात्कारियों को मौत की सजा देने के लिए कानून में संशोधन करने पर विचार कर रही है। इसी मामले में केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में एक पत्र जमा करवाया है। जिसमें सरकार की तरफ कहा है कि वह पॉक्सो (POCSO) एक्ट में संशोधन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसके तहत 0-12 साल की उम्र के बीच की बच्चियों के साथ बलात्कार करने वालों को कम से कम मौत की सजा देना सुनिश्चित किया जाएगा। केंद्र ने दायर की गई एक जनहित याचिका के जवाब में अपनी रिपोर्ट जमा करवाई है। इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।

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बता दें कि जम्मू और कश्मीर के कठुआ में आठ साल की मासूम को लगभग एक हफ्ते तक बंधक बनाकर रखने, लगातार बलात्कार करने और फिर निर्मम हत्या कर देने के बाद लोगों ने बलात्कारियों के लिए मौत की सजा की मांग करना शुरू कर दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बताया था कि अकेले 2016 में 19,675 नाबालिगों के साथ बलात्कार की घटनाएं हुईं है। यह शर्मनाक है। भाजपा सरकार के मंत्रियों ने भी बलात्कारियों के लिए मौत की सजा देने की मांग की थी।

इस मामले पर मेनका गांधी ने कहा था कि मैं कठुआ और हालिया रेप मामलों को जानकर बहुत ज्यादा परेशान हो गई हूं। मैं और मंत्रालय मिलकर पॉक्सो (POCSO) एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखेंगे जिसके अनुसार 12 साल से कम उम्र के बच्चों के बलात्कार मामले में मौत की सजा का प्रावधान हो सके। उन्होंने कहा था कि उनका मंत्रालय कैबिनेट के सामने बच्चों का संरक्षण उत्पीड़न के खिलाफ संरक्षण अधिनियम पॉक्सो (POCSO) ) एक्ट में संशोधन का नोट पेश करेगा।
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