हिमाचल से होते हुए लद्दाख जाने वाले यात्रियों के लिए भी अब नियम सख्त किए जा रहे हैं। खास तौर से मनाली होकर अटल टनल से जो लोग लद्दाख में एंट्री करते हैं उनकी संख्या सीमित किए जाने पर विचार हो रहा है। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अगर सैलानियों की भीड़ संयमित नहीं हुई, तो कई शहरों में बाजारों के खुलने और बंद होने के टाइमिंग में बदलाव किया जा सकता है। कुछ इसी तरीके की व्यवस्था उत्तराखंड में भी अपनाई जाएंगी।
कोविड के मामलों पर नजर रखने वाली टास्क फोर्स कमेटी के सदस्य डॉक्टर एनके अरोड़ा का कहना है कि अगर लोग घूमना ही चाहते हैं तो टीकाकरण कराने के बाद और संक्रमण से बचाव के सारे उपायों के साथ तो कहीं भी जा सकते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि अगर सभी लोग सड़कों पर उतर जाएंगे तो भी भीड़ तो बढ़ ही जाएगी। चंडीगढ़ पीजीआई में माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष और एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजी इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुणलोक चक्रवर्ती कहते हैं, अगर लोगों ने लापरवाही नहीं छोड़ी तो तीसरी ही नहीं बल्कि भविष्य में कोरोना की और भी कई लहरों से मुकाबला करना होगा।
उत्तराखंड में बढ़ रही सैलानियों की भीड़ के मद्देनजर राज्य के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वह अपने राज्य में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों प्रवेश आरटीपीसीआर रिपोर्ट के नेगेटिव होने पर ही दे रहे हैं। इसके अलावा जिन लोगों की यह रिपोर्ट नेगेटिव नहीं होती है या उनके पास इसकी रिपोर्ट नहीं होती है तो एंटीजन टेस्ट करके ही राज्य में एंट्री दी जा रही है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले पहाड़ी शहरों में कोशिश यही रहती है कि लोगों को एक जगह एकत्रित ना होने दिया जाए लेकिन बगैर मास्क के लोगों का चालान भी बहुत ज्यादा हो रहा है।