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लापरवाही: पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ से राज्यों में फिर बढ़ेंगी मुसीबतें, केंद्र ने जारी की नई गाइडलाइन

Wed, 07 Jul 2021 02:16 PM IST
Harendra Chaudhary आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार के सख्त रवैये के बाद महाराष्ट्र ने कोविड प्रभावित जिलों में न सिर्फ आवाजाही पर स्थानीय जिला प्रशासन को नजर रखने के आदेश दिए हैं, बल्कि बाहर से आने वाले लोगों के नाम और पते के साथ उनकी कोविड की निगेटिव रिपोर्ट भी जांचने के लिए कहा है
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मनाली के मालरोड पर पर्यटकों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला (फाइल)
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विस्तार
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बीते कुछ दिनों से देश के अलग-अलग राज्यों में लगातार नजर आ रही लापरवाही पर केंद्र की सख्ती असर दिखाने लगी है। महाराष्ट्र गोवा, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पहुंच रहे पर्यटकों के लिए नई गाइडलाइन जारी की हैं। किसी राज्य ने पर्यटकों की संख्या तय करने पर विचार शुरू कर दिया है, तो किसी राज्य ने लापरवाही बरतने वाले पर्यटकों का ज्यादा से ज्यादा चालान कर उन्हें संदेश देने की व्यवस्था शुरू की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सख्ती में ढील इसलिए नहीं दी गई थी कि लोग लापरवाही से सड़कों पर निकलना कर दें।  

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केंद्र सरकार के सख्त रवैये के बाद महाराष्ट्र ने कोविड प्रभावित जिलों में न सिर्फ आवाजाही पर स्थानीय जिला प्रशासन को नजर रखने के आदेश दिए हैं, बल्कि बाहर से आने वाले लोगों के नाम और पते के साथ उनकी कोविड की निगेटिव रिपोर्ट भी जांचने के लिए कहा है। इसके अलावा बॉर्डर से लगते हुए जिलों में प्रवेश पर ही निगेटिव रिपोर्ट देखने के निर्देश दिए गए हैं। महाराष्ट्र गृह विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सबसे ज्यादा कोरोना प्रभावित जिलों में फिलहाल तो लॉकडाउन जैसी स्थिति यही है लेकिन अब नई व्यवस्था के मुताबिक बाजारों को और जल्दी बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

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हिमाचल से होते हुए लद्दाख जाने वाले यात्रियों के लिए भी अब नियम सख्त किए जा रहे हैं। खास तौर से मनाली होकर अटल टनल से जो लोग लद्दाख में एंट्री करते हैं उनकी संख्या सीमित किए जाने पर विचार हो रहा है। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अगर सैलानियों की भीड़ संयमित नहीं हुई, तो कई शहरों में बाजारों के खुलने और बंद होने के टाइमिंग में बदलाव किया जा सकता है। कुछ इसी तरीके की व्यवस्था उत्तराखंड में भी अपनाई जाएंगी।
 
कोविड के मामलों पर नजर रखने वाली टास्क फोर्स कमेटी के सदस्य डॉक्टर एनके अरोड़ा का कहना है कि अगर लोग घूमना ही चाहते हैं तो टीकाकरण कराने के बाद और संक्रमण से बचाव के सारे उपायों के साथ तो कहीं भी जा सकते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का ध्यान रखना होगा कि अगर सभी लोग सड़कों पर उतर जाएंगे तो भी भीड़ तो बढ़ ही जाएगी। चंडीगढ़ पीजीआई में माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष और एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजी इंडिया के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अरुणलोक चक्रवर्ती कहते हैं, अगर लोगों ने लापरवाही नहीं छोड़ी तो तीसरी ही नहीं बल्कि भविष्य में कोरोना की और भी कई लहरों से मुकाबला करना होगा।

उत्तराखंड में बढ़ रही सैलानियों की भीड़ के मद्देनजर राज्य के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वह अपने राज्य में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों प्रवेश आरटीपीसीआर रिपोर्ट के नेगेटिव होने पर ही दे रहे हैं। इसके अलावा जिन लोगों की यह रिपोर्ट नेगेटिव नहीं होती है या उनके पास इसकी रिपोर्ट नहीं होती है तो एंटीजन टेस्ट करके ही राज्य में एंट्री दी जा रही है। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले पहाड़ी शहरों में कोशिश यही रहती है कि लोगों को एक जगह एकत्रित ना होने दिया जाए लेकिन बगैर मास्क के लोगों का चालान भी बहुत ज्यादा हो रहा है।
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