कैबिनेट सचिव राजीव गाबा के नेतृत्व में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) ने सोमवार को चौथी बार पश्चिम बंगाल में चक्रवात अम्फान के बाद चल रहे राहत कार्यों को लेकर बैठक की। अम्फान से तबाह हुए बंगाल के कई क्षेत्रों में चल रहे समन्वय प्रयासों और जन-जीवन को फिर से बहाली के उपायों की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घोषणा के बाद राज्य सरकार को 1000 करोड़ रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। पीएम ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया था और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ राहत प्रयासों की समीक्षा की थी। गृह मंत्रालय पश्चिम बंगाल में तूफान से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए जल्द ही एक केंद्रीय टीम भेजेगा।
पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव ने राहत के लिए प्रदान की गई सहायता के लिए केंद्र को धन्यवाद दिया। राज्य के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और दूरसंचार बुनियादी ढांचे की बहाली को प्राथमिकता बताया गया। हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में दूरसंचार कनेक्टिविटी को बहाल कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय बिजली वितरण नेटवर्क को हुए नुकसान ने कुछ क्षेत्रों में आपूर्ति की बहाली को प्रभावित किया है। पड़ोसी राज्यों की टीमों के साथ केंद्र सरकार की एजेंसियों को बिजली बहाली के प्रयासों में तैनात किया गया है।