केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की, साथ ही राज्यों में कई विकल्पों पर सरकार के द्वारा शांतिपूर्ण बातचीत की गई। सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने भाग लिया। बैठक में राज्य के मौजूदा हालात का रुख का जिक्र किया गया। यह बैठक 9 अप्रैल को श्रीनगर लोकसभा सीट पर हुए उप-चुनाव के बाद हिंसा को लेकर किया गया है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में राज भवन में राज्यपाल एन.एन. वोहरा से मुलाकात की और उनके साथ कानून-व्यवस्था के मुद्दों पर चर्चा की। वहीं, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने प्रमुख विकास परियोजनाओं के कार्यान्वयन और राष्ट्रीय राजमार्ग के उधमपुर-बनिहाल सेक्टर के लगातार बंद होने पर भी चर्चा की गई।
हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इस तरह के हालात के लिए पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। जबकि अब्दुल्ला ने राज्यों में राष्ट्रपति शासन की भी मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि कश्मीर में हालात सुधारने में सरकार अक्षम रही है। अब्दुल्ला ने कहा कि प्रत्येक दिन महबूबा मुफ्ती की नाकामी के सबूत मिल रहे हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने रविवार को एसओसी के साथ-साथ सीजफायर का उल्लंघन किया। पाक ने नौशेरा के लाम सेक्टर में गोलाबारी की थी। पाकिस्तान ने सेना की समता और कांची चौकी पर जमकर गोले बरसाए थे। हालांकि सेना के जवानों ने रविवार को भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था, लेकिन सोमवार को फिर गोलाबारी की गई। इसके बाद छात्रों के द्वारा सेना पर पत्थरबाजी भी की गई।