केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि आपराधिक मामलों की जांच के दौरान लोगों के स्मार्टफोन व लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त करने की दिशा-निर्देश बनाने के लिए कई दौर की बातचीत करवाई जा चुकी है। खासतौर पर मीडिया से जुड़े लोगों के लिए इसमें ध्यान रखा जा रहा है। अंतिम रूप देने में कुछ समय लगेगा। केंद्र ने बृहस्पतिवार को यह भी बताया कि नई दिशा-निर्देश आने तक बाकी केंद्रीय जांच एजेंसियां इन उपकरणों की तलाशी और जब्ती के लिए सीबीआई की नियमावली का पालन करेंगी। अगली सुनवाई छह फरवरी को होगी।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सात नवंबर को केंद्र को दिशा-निर्देश बनाने के लिए कहा था। यह भी कहा था कि किसी के उपकरण को बिना नियमों के अपने कब्जे में लेना गंभीर मामला है। केंद्र की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी राजू ने जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया को बताया कि संबंधित अधिकारियों ने प्रस्तावित दिशा-निर्देश पर कई बार चर्चा की है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वे छह हफ्ते बाद इसे लेकर कुछ ठोस प्रस्तुत करें। तब तक उनके बयान के अनुसार सीबीआई नियमावली का पालन हो। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट दो याचिकाओं की सुनवाई कर रही है, जो फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल्स व एक अन्य पक्ष ने दायर की हैं। उन्होंने जांच एजेंसियों की ओर से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की तलाशी और उसे जब्त करने की प्रक्रिया के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तय करने का निवेदन किया था। उनका कहना था, एजेंसियां कब और कैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच करेंगी, इसके लिए कोई दिशा-निर्देश नहीं है, असली मुद्दा यही है।