केंद्र सरकार ने कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 2 के अनुसार तेलंगाना सरकार आंध्र प्रदेश को एक महीने के भीतर ये राशि अदा करे। गौरतलब है कि ये आदेश तब आया है जब हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और मामले में उनके हस्तक्षेप की मांग की थी।
केंद्र ने तेलंगाना सरकार को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 2 के अनुसार 30 दिनों में आंध्र प्रदेश बिजली वितरण कंपनियों को 6,756.92 करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और मामले में उनके हस्तक्षेप की मांग की थी, इसके ठीक एक हफ्ते बाद बिजली मंत्रालय ने सोमवार को इस आशय का एक आदेश जारी किया।
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केंद्र सरकार ने तेलंगाना सरकार को आदेश दिया है कि वह लेट पेमेंट सरचार्ज समेत 6,756 करोड़ रुपये का बिजली बकाया आंध्र प्रदेश को चुकाए। केंद्र सरकार ने कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 2 के अनुसार तेलंगाना सरकार आंध्र प्रदेश को एक महीने के भीतर ये राशि अदा करे। गौरतलब है कि ये आदेश तब आया है जब हाल ही में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और मामले में उनके हस्तक्षेप की मांग की थी।
केंद्र द्वारा तेलंगाना सरकार को जारी एक आदेश में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश पावर जनरेशन कॉरपोरेशन द्वारा आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धारा 2 के अनुसार 2 जून 2014 से 10 जून, 2017 के बीच तेलंगाना DISCOMS को मिली बिजली के रुपये बकाया है। आदेश में कहा गया है कि आंध्र प्रदेश से इसे लेकर अभ्यावेदन प्राप्त हुए हैं कि तेलंगाना ने 2 जून 2014 से 10 जून 2017 तक राज्य को आपूर्ति की गई बिजली के लिए भुगतान नहीं किया है।
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आदेश में कहा गया कि भुगतान की जाने वाली राशि में कोई विवाद नहीं था। तेलंगाना डिस्कॉम पर एपी को 3,441.78 करोड़ रुपये की मूल राशि और 3,315.14 करोड़ रुपये का विलंब भुगतान अधिभार (31 जुलाई, 2022 तक) देना है।
वहीं, तेलंगाना के ऊर्जा मंत्री जी जगदीश रेड्डी ने केंद्र के आदेश पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केंद्र का यह आदेश एकतरफा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने हालांकि तेलंगाना की याचिकाओं को अनसुना कर दिया है। हम इस मामले में कानूनी सहारा लेंगे। उन्होंने कहा कि यह आदेश राजनीति से प्रेरित है, उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार तेलंगाना के लिए बाधा पैदा कर रही है क्योंकि यह देश में 24×7 बिजली प्रदान करने वाला एकमात्र राज्य है।