केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि प्रत्येक प्रस्तावित नए शहर के लिए उपलब्ध राशि 1,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने आगे कहा कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप एचयूए मंत्रालय मे नए शहरों के विकास के लिए एक विशेषज्ञ समिति (ईसी) का गठन किया है।
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय को नए शहरों के विकास के लिए 23 राज्यों से 28 प्रस्ताव प्राप्त हुए, जो फिलहाल जांच के लिए सक्षम प्राधिकारी के पास है। लोकसभा ने इसकी जानकारी दी। फरवरी 2021 में मंत्रालय ने घोषणा की कि शहरी क्षेत्रों के विस्तार की मांग को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार आठ नए शहरों को विकसित करेंगी। इसके लिए सरकार ने 15वें वित्त आयोग का गठन किया, जिसने आठ नए शहरों के विकास के लिए आठ हजार करोड़ लागत की सिफारिश की।
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केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री तोखन साहू ने बताया कि प्रत्येक प्रस्तावित नए शहर के लिए उपलब्ध राशि 1,000 करोड़ रुपये है। उन्होंने आगे कहा कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप एचयूए मंत्रालय मे नए शहरों के विकास के लिए एक विशेषज्ञ समिति (ईसी) का गठन किया है। समिति ने पात्रता की शर्तों के अनुसार प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया और सभी सभी राज्यों को 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' वितरित किया गया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय को 21 राज्यों से 26 प्रस्ताव प्राप्त हुए।
पूर्वोत्तर राज्यों से प्रस्ताव प्राप्त न होने के कारण इन राज्यों से संशोधित प्रस्ताव मांगे गये। फिलहाल 23 राज्यों से कुल 28 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश का एक प्रस्ताव शामिल है। वर्तमान में प्रस्ताव जांच के लिए सक्षम प्राधिकारी के पास है।