विशेष जांच टीम (एसआईटी) के उपाध्यक्ष जस्टिस अर्जित पसायत ने शुक्रवार को कहा कि नोटबंदी के बाद सरकार ने अघोषित टैक्स डिपॉजिट पर तकरीबन 6 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। उन्होंने कहा कि यह संख्या बढ़ भी सकती है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, टैक्स अधिकारियों ने उन सभी लोगों से ब्यौरा मांगा है जिन्होंने नोटबंदी के बाद पुरानी करेंसी को अपने या दूसरे के अकाउंट में एक मुश्त जमा कराया है। वहीं, कई ऐसे भी लोग हैं जो सजा से बचने के लिए एमनेस्टी स्कीम के तहत अपनी अघोषित आय पर 60 फीसदी टैक्ट पेनाल्टी देने को तैयार हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने इसे भी बढ़ा कर 75 फीसदी कर दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि पसायत एसआईटी के चेयरमैन जस्टिस एम बी शाह के साथ ईडी, सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स, सीबीआई और दूसरी एजेंसियों द्वारा चलाए गए अभियान की निगरानी कर रहे हैं।