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केंद्र ने दिव्यांगता सत्यापन की प्रक्रिया में किया संशोधन, फर्जी प्रमाणपत्रों पर अंकुश लगाने के लिए उठाया कदम

Fri, 17 Oct 2025 09:25 PM IST
राहुल कुमार पीटीआई, नई दिल्ली
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विकलांगता प्रमाणपत्र - फोटो : AI
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केंद्र सरकार ने सरकारी भर्तियों और दाखिलों में इस्तेमाल होने वाले विकलांगता प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया को कड़ा कर दिया है। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को यूडीआईडी राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक प्रमाणपत्र और विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (यूडीआईडी) कार्ड का सत्यापन करने का निर्देश दिया है।

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दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) की ओर से 15 अक्तूबर को जारी संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार, संस्थानों को आवेदकों की विकलांगता स्थिति पर वास्तविक समय में अपडेट सुनिश्चित करने के लिए एपीआई का उपयोग करके यूडीआईडी डाटाबेस के साथ अपने सिस्टम को एकीकृत करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

विभाग इस एपीआई को इच्छुक संगठनों शैक्षणिक संस्थानों या नौकरियों के लिए भर्ती करने वालों के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के माध्यम से साझा करेगा। यह कदम बेंचमार्क दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूबीडी) के लिए आरक्षित कोटे के तहत गलत तरीके से लाभ प्राप्त करने के लिए दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए फर्जी या अतिरंजित दावों की बढ़ती शिकायतों के बीच उठाया गया है।
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फर्जी मामले के चले उठाया कदम
हाल ही में विकलांगता प्रमाणपत्र प्राप्त करने के फर्जी या बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावों की काफी शिकायतें सामने आई थीं। बेंचमार्क विकलांगता को कम से कम 40 प्रतिशत विकलांगता के रूप में परिभाषित किया गया है। जिसका सत्यापन किसी प्रमाणित विकलांगता अधिकारी द्वारा किया जाना आवश्यक है।

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