केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली एक उच्च स्तरीय समिति ने बिहार, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए 1280.35 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद को मंजूरी दी है। साल 2024 में इन राज्यों में आई बाढ़, बादल फटने, भूस्खलन और चक्रवाती तूफान जैसी घटनाओं में मदद के लिए इस अतिरिक्त केंद्रीय मदद की मंजूरी दी गई है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कुल 1280.35 करोड़ रुपये में से बिहार के लिए 588.73 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश के लिए 136.22 करोड़ रुपये, तमिलनाडु के लिए 522.34 करोड़ रुपये और पुडुचेरी के लिए 33.06 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
आपदा प्रबंधन के लिए जारी राशि से अलग दी गई है ये मदद
यह सहायता केंद्र द्वारा राज्यों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) और केंद्र शासित प्रदेश आपदा प्रतिक्रिया कोष (यूटीडीआरएफ) में जारी की गई धनराशि के अतिरिक्त दी गई है। बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बिहार, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, जिन्होंने पिछले साल प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया था। वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान, केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ के तहत 28 राज्यों को 20,264.40 करोड़ रुपये और एनडीआरएफ के तहत 19 राज्यों को 5,160.76 करोड़ रुपये जारी किए थे।
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इनके अलावा राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (एसडीएमएफ) से 19 राज्यों को 4984.25 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (एनडीएमएफ) से आठ राज्यों को 719.72 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने औपचारिक ज्ञापन प्राप्त होने का इंतजार किए बिना आपदाओं के तुरंत बाद इन राज्यों में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमों (आईएमसीटी) को तैनात कर दिया था।
केंद्र सरकार ने नुकसान के आकलन के लिए तुरंत भेजी थीं टीमें
बताते चलें कि केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान एसडीआरएफ के तहत 28 राज्यों को 20,264.40 करोड़ रुपये और एनडीआरएफ के तहत 19 राज्यों को 5,160.76 करोड़ रुपये जारी किए। इसके अतिरिक्त, राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष (एसडीएमएफ) से 19 राज्यों को 4984.25 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण कोष (एनडीएमएफ) से आठ राज्यों को 719.72 करोड़ रुपये भी जारी किए गए। बयान में यह भी कहा गया कि इन राज्यों में आपदाओं के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने बगैर किसी औपचारिक आवेदन का इंतजार किए नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (आईएमसीटी) भेज दी थीं।
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