उत्तर प्रदेश में कानपुर के चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद इसे लोगों के लिए अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। वहीं अमेठी जिले के संग्रामपुर इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में छह कौवें मृत पाए गए हैं। इनकी मौत की वजह जानने के लिए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
कानपुर शहर के एडीएम अतुल कुमार ने बताया कि चिड़ियाघर के एक किलोमीटर के दायरे को संक्रमित क्षेत्र घोषित किया गया है और पक्षियों को मारने का काम शुरू कर दिया गया है। चिड़ियाघर में पिछले पांच दिनों में दो तोते और दो जंगली मुर्गों व दो कड़कनाथ मुर्गों की मौत हुई थी।
इनमें से दो में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी। इसके बाद चिड़ियाघर को लोगों और सुबह की सैर पर आने वाले लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल परिसर, जहां पर मुर्गों को इलाज के लिए रखा गया, वहां पर स्टाफ का प्रवेश बंद कर दिया है।
चिड़ियाघर के आसपास के 10 किलोमीटर के क्षेत्र को प्रतिबंधित इलाका घोषित किया गया है। अंडा, चिकन बेचने वाली दुकानों को अगले आदेश तक बंद रखने को कहा गया है। पोल्ट्री उत्पादों के प्रवेश और परिवहन पर भी रोक लगाई गई है।
साथ ही चकेरी एयरपोर्ट पर भी अलर्ट घोषित किया गया है। एयरपोर्ट स्टाफ को निर्देश दिया गया है कि एयरपोर्ट कैंपस या आसपास कहीं मरा पक्षी दिखे तो तत्काल सूचना दें।
वहीं अमेठी के मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने कहा कि संग्रामपुर पुलिस थाना इलाके के कैती गांव में अलग-अलग जगहों पर कौवें मरे पाए गए। वन अधिकारियों और डॉक्टरों की टीम को गांव भेजकर मृत पक्षियों के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। गांव निवासी शिव बहादुर शुक्ला ने बताया कि कौवों के मरने से गांव के लोगों में डर बैठ गया है।
राजस्थान में 400 से अधिक पक्षियों की मौत
राजस्थान में रविवार को विभिन्न इलाकों में 400 से अधिक पक्षियों की मौत हुई। इनमें से ज्यादातर कौवें हैं। राज्य में पहले ही बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।
अधिकारियों ने बताया कि 428 पक्षियों की मौत के साथ ही पिछले कुछ दिनों में राज्य में मरने वाले पक्षियों की संख्या बढ़कर 2950 हो गई है। 13 जिलों से 51 मृत पक्षियों के सैंपल पॉजिटिव पाया गया। रविवार को मरे पक्षियों में 326 कौवें, 18 मोर, 34 कबूतर और 50 अन्य हैं।
कानपुर : भीतरगांव-जहानाबाद सीमा पर 15 बोरियों में भरकर फेंकी मरी मुर्गियां
भीतरगांव विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत कुआंखेड़ा और जहानाबाद (फतेहपुर) सीमा से निकल रहे नाले में मृत मुर्गियों को 15 बोरियों में भरकर शनिवार रात को कोई फेंक गया। रविवार सुबह कुत्ते और सियार बोरियां फाड़कर उसमें भरी मुर्गियां खाते और ले जाते देखे गए। मुर्गियों से भरी कुछ बोरियां मौके पर पड़ी थीं। जिस नाले में मृत मुर्गियां फेंकी गई हैं, वह कानपुर सीमा से सौ मीटर दूर फतेहपुर सरहद पर आता है।
पिछली कुछ रातों से यहां कोई बोरियों में मृत मुर्गियां आकर फेंक रहा है। उधर, ग्राम पंचायत रावतपुर चौधरियान के मजरा गहोलिनपुरवा गांव में दूसरे दिन रविवार को भी खेतों में एक दर्जन से अधिक कौवों के शव पाए गए। वहीं इसी गांव में शनिवार को मृत मिले 20 से अधिक कौवों को रविवार को जलाकर दफना दिया गया। दो दिन में करीब तीन दर्जन कौवों की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
हिमाचल : पौंग में 215 और पक्षियों की मौत से 4,235 पहुंचा मृत प्रवासी पक्षियों का आंकड़ा
हिमाचल के पौंग बांध में फैले बर्ड फ्लू के बीच रविवार को भी 215 और प्रवासी पक्षियों की मौत हो गई है। यहां मृत प्रवासी पक्षियों का आंकड़ा 4,235 पहुंच गया है। जिला कांगड़ा में बर्ड फ्लू से कौवों की मौत का आंकड़ा भी तेजी से बढ़ रहा है।
रविवार को जिले भर में 17 और मृत कौवे मिले हैं। इनमें सबसे अधिक 12 कौवे जवाली में मिले हैं। वहीं, पौंग झील क्षेत्र में रविवार को दिल्ली से पहुंची पशुपालन विभाग के विशेषज्ञों की टीम ने दौरा किया।