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Uplinking guidelines: सैटेलाइट टेलीविजन चैनल के लिए संशोधित अपलिंकिंग दिशानिर्देश जारी, ये होंगे नए नियम

Wed, 09 Nov 2022 07:34 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नए दिशानिर्देशों के तहत कार्यक्रमों के सीधे प्रसारण की अनुमति खत्म कर दी गई है। हालांकि, सीधा प्रसारण किए जाने वाले कार्यक्रमों का पूर्व पंजीकरण जरूरी होगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत को अपलिंकिंग हब के रूप में पेश करने के लिए सरकार ने मंगलवार को टेलीविजन चैनलों के लिए दिशानिर्देशों में छूट की घोषणा की और मुख्य रूप से मनोरंजन चैनलों के लिए 30 मिनट का दैनिक जनहित प्रसारण अनिवार्य कर दिया। सरकार ने सैटेलाइट टेलीविजन चैनल के लिए संशोधित अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग दिशानिर्देश जारी किए जिसके तहत अब भारतीय टेलीपोर्ट विदेशी चैनल को अपलिंक कर सकते हैं।

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अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशानिर्देश, 2022 को मंजूरी 
सूचना एवं प्रसारण सचिव अपूर्व चंद्रा ने संवाददाताओं से कहा कि भारत में सैटेलाइट टेलीविजन चैनल के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के लिए दिशानिर्देश, 2022 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि नए दिशानिर्देशों के तहत टेलीविजन चैनल के लिए हर दिन 30 मिनट के लिए राष्ट्रीय और सार्वजनिक हित से जुड़ी सामग्री प्रसारित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि नए दिशानिर्देशों के तहत कार्यक्रमों के सीधे प्रसारण की अनुमति खत्म कर दी गई है। हालांकि, सीधा प्रसारण किए जाने वाले कार्यक्रमों का पूर्व पंजीकरण जरूरी होगा।

दिशानिर्देशों के अनुसार एक से अधिक टेलीपोर्ट या उपग्रह की सुविधाओं का उपयोग कर किसी चैनल को अपलिंक किया जा सकता है, हालांकि मौजूदा नियमों के तहत सिर्फ एक ही टेलीपोर्ट या उपग्रह के जरिए चैनल को अपलिंक किया जा सकता है। इन दिशानिर्देशों को 11 साल के बाद संशोधित किया गया है।
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इस कदम से इन देशों को होगा फायदा 
इस कदम से भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल के टेलीविजन चैनलों को सिंगापुर के बजाय भारत से अपलिंक करने की अनुमति मिलने की उम्मीद है, जो उपमहाद्वीप में प्रसारित चैनलों के लिए पसंदीदा अपलिंकिंग हब है। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में पंजीकृत कुल 897 में से केवल 30 चैनल भारत से अपलिंक हैं। संयुक्त सचिव (प्रसारण) संजीव शंकर ने कहा कि कार्यक्रमों के सीधा प्रसारण के लिए अनुमति लेने की आवश्यकता को समाप्त कर दिया गया है, केवल लाइव प्रसारण के लिए कार्यक्रमों का पूर्व पंजीकरण करना होगा। 

नए दिशानिर्देशों में कहा गया है कि एक कंपनी डिजिटल सैटेलाइट न्यूज गैदरिंग (डीएसएनजी) के अलावा अन्य समाचार एकत्र करने वाले उपकरणों जैसे ऑप्टिक फाइबर, बैक पैक, मोबाइल का उपयोग कर सकती है, जिसके लिए अलग से अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। दिशानिर्देशों में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक समाचार एकत्र करने वाले उपकरणों का उपयोग किया जा सकता है। टेलीविजन चैनलों को शिक्षा और साक्षरता के प्रसार, कृषि और ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिलाओं के कल्याण, कमजोर वर्गों के कल्याण जैसे राष्ट्रीय हित के विषयों पर हर दिन 30 मिनट की जनहित सामग्री प्रसारित करनी होगी।  
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