केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों, धार्मिक अल्पसंख्यक शरणार्थियों, पंजीकृत श्रीलंकाई तमिलों और तिब्बतियों को पासपोर्ट एवं वीजा नियमों में राहत दी है। नए प्रावधानों के तहत निर्धारित तिथियों से पहले भारत आए पात्र लोगों को दस्तावेजों के नवीनीकरण और वैधता संबंधी छूट मिलेगी।
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केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों की कुछ श्रेणियों के लिए पासपोर्ट और वीजा नियमों में ढील दी है। इस फैसले से पाकिस्तान के नागरिकों, अल्पसंख्यक शरणार्थियों, श्रीलंकाई तमिलों और तिब्बतियों को लाभ मिलेगा।
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पाकिस्तानी नागरिकों को पासपोर्ट नवीनीकरण में छूट
नए प्रावधानों के तहत, 31 दिसंबर 2009 या उससे पहले भारत आए पाकिस्तानी नागरिक पासपोर्ट नवीनीकरण में छूट पा सकेंगे। इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी गई हैं। इनमें यह शर्त शामिल है कि संबंधित व्यक्ति ने पाकिस्तान में विवाह नहीं किया हो और न ही वहां कोई संपत्ति खरीदी हो।
छह धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों को भी राहत
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों को भी राहत दी गई है। इसमें वे लोग शामिल हैं, जो धार्मिक उत्पीड़न के डर से 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए थे। जिन लोगों के दस्तावेजों की वैधता समाप्त हो चुकी है, वे भी इस राहत के दायरे में आएंगे।
श्रीलंकाई तमिलों और तिब्बतियों को भी लाभ
भारत में शरण लेने वाले पंजीकृत श्रीलंकाई तमिलों को भी छूट दी गई है। इसमें वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने 9 जनवरी 2015 या उससे पहले भारत में शरण ली थी। इसी तरह, 1959 से 30 मई 2003 के बीच काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास से जारी परमिट पर भारत आए तिब्बतियों को भी नए प्रावधानों के तहत राहत मिलेगी।