बनने के बाद ऐसा दिखाई देगा सेंट्रल विस्टा।
- फोटो : central vista project
केंद्र सरकार की महात्वाकांक्षी परियोजना सेंट्रल विस्टा को पूरा करने का काम काफी तेजी से चल रहा है। इस परियोजना का जल्द पूरा होने की उम्मीद है, वहीं केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने सांसदों के लिए एक कार्यालय परिसर बनाने के लिए नया टेंडर जारी किया है। इसके साथ पहले इसकी लागत 1,210 करोड़ रुपये तक थी लेकिन अब इस परियोजना लागत में 225 करोड़ रुपये की कमी की गई है।
प्रस्तावित भवन लुटियंस दिल्ली में प्लॉट नंबर 119 पर बनेंगे, अभी इस जगह वर्तमान में परिवहन भवन और श्रम शक्ति भवन स्थित हैं। गुरुवार को जारी संशोधित बोली के अनुसार, प्रस्तावित भवन का कुल प्लिंथ क्षेत्रफल लगभग 98,000 वर्ग मीटर है, जबकि पिछली निविदा में यह क्षेत्रफल 1,18,000 वर्ग मीटर था।
सांसद भवनों में आठ मंजिलें होंगी। पहले की निविदा में 10 मंजिला ढांचे का प्रस्ताव था। संसद के सदस्यों के लिए नए कक्ष केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का हिस्सा हैं और इन्हें परिवहन भवन और श्रम शक्ति भवन को ध्वस्त करके बनाया जाएगा।
इस परियोजना के तहत एक सुरंग बनाने की योजना की भी परिकल्पना की गई है, जो सांसदों के कक्षों को टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे नए संसद भवन से जोड़ेगी। अपनी नवीनतम बोली में सरकार की निर्माण एजेंसी ने कहा है कि सांसदों के कक्षों वाला प्रस्तावित परिसर 1,210 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा, जबकि नवंबर में जारी पिछली निविदा में अनुमानित लागत 1,435 करोड़ रुपये थी।
सीपीडब्ल्यूडी ने कहा है कि प्लॉट संख्या 119 पर मौजूद ढांचे को नये निर्माण से पहले पूरी तरह ध्वस्त किया जाना है। मौजूदा चारदीवारी को भी ध्वस्त करने की आवश्यकता है और नई चारदीवारी का निर्माण विभाग द्वारा प्रदान किए गए डिजाइन और ड्राइंग के अनुसार किया जाएगा। इसके लिए परिवहन भवन और श्रम शक्ति भवन में संचालित मौजूदा सरकारी कार्यालयों को परिसर खाली करना होगा।