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450 करोड़ के घोटाले में केंद्रीय मंत्री रिजिजू का नाम, जानें क्या है मामला

Tue, 13 Dec 2016 10:14 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ANI
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अरुणाचल प्रदेश के सबसे बड़े पावर प्लांट केमांग हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट घोटाले में नाम आने पर भड़के केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा ऐसी खबरें प्लांट करने वालों को हमारे यहां आने पर जूते मारे जाएंगे। हालांकि उन्होंने बयान किसको लेकर दिया यह स्पष्ट नहीं हो पाया लेकिन ये साफ ‌था कि उनका इशारा अपने ‌खिलाफ खबर लिखने वालों की ओर था। 
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बता दें कि अरुणाचल प्रदेश के सबसे बड़े पावर प्लांट में से एक नार्थ इस्टर्न इलेक्ट्रिक पावर कार्पोरेशन (NEEPCO) में करप्‍शन के आरोपों में मैनेजिंग डायरेक्टर, चेयरमैन और वरिष्ठ अधिकारियों और ठेकेदार गोबोई रिजिजू का नाम सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। 

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू का नाम भी सामने आया है जिन्होंने ठेकेदार को पेमेंट करने के लिए नेपको के अधिकारियों और मामले की जांच कर रहे सीवीसी को चिट्ठी लिखी थी। 
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ठेकेदार को केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू का चचेरा भाई बताया जा रहा है। खबर के अनुसार नेपको के सीवीओ सतीश वर्मा ने 129 पेज की चिट्ठी में 600 मेगावाट क्षमता वाले दो पावर प्लांट में वित्तीय अनियमितताओं और भ्र्रष्टाचार के कई मामलों का जिक्र किया है। Ye jo plant kar rhe hain news,hamare yahan ayenge to joote khaynge,logon ki sewa krna corruption hai?:Kiren Rjiju on Arunachal Hydro Project pic.twitter.com/eNQWLf2ttg — ANI (@ANI_news) December 13, 2016

केमांग पावर प्रोजेक्ट में लगा ठेकेदार की मदद का आरोप

- फोटो : ANI
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार वर्मा की ओर से यह रिपोर्ट इस साल जुलाई में ही सीबीआई, सीवीसी और ऊर्जा मंत्रालय को भेज दी गई थी। रिपोर्ट के अनुसार प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार के चलते 450 करोड़ तक का घोटाला हो सकता है। बता दें कि जिस जगह यह प्रोजेक्ट है वह केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत ही आता है।

सीबीआई इस मामले में दो औचक निरीक्षण कर चुकी है लेकिन अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। खास बात ये है कि गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी सतीश वर्मा का यह मामला सामने आने के बाद तबादला त्रिपुरा में सीआरपीएफ के लिए कर दिया गया। 
  Sab gaonwaale cousin hi kehlaate hain hamaare yahan pe, koi blood relation hona zaruri nahi: Kiren Rijiju on Arunachal Hydro Project pic.twitter.com/jrHVg4Lm20 — ANI (@ANI_news) December 13, 2016 बताया जाता है कि उनके पास घोटाले से जुड़े मामले की ओडियो भी है जिसमें रिजिजू के कथित भाई गोबोई रिजिजू द्वारा वर्मा से अपने भाई का नाम लेकर सिफारिश की जा रही है। 

बता दें कि घोटाले की असली जड़ में वह फर्जी बिल हैं जिन्हें ठेकेदार की ओर से प्रोजेक्ट में लगाया गया। खासकर बांध के निर्माण के लिए लाए गए पत्‍थरों और चट्टानों के परिवहन में खूब फर्जीवाड़ा किया गया है। Ye khabar kisi ne badmaashi kar ke plant ki hai, haan letter maine likha hai par usme aisa kuch nahi hai. Non issue hai: Kiren Rijiju pic.twitter.com/Ch6XzL6c89 — ANI (@ANI_news) December 13, 2016

पत्‍थरों और चट्टानों को ढोने वाले वाहनों के नंबर स्कूटर और बाइक के निकले

- फोटो : ANI
केवल ट्रांसपोर्टेशन में ही मनमाने बिलों का प्रयोग नहीं किया गया बल्कि ठेकेदार और बांध का निर्माण करने वाली पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड की ओर से काफी मात्रा में फर्जी बिल पेश किए गए। 

मसलन, बांध के निर्माण के लिए जो पत्‍थर और चट्टानों के टुकड़े लाए गए उन्हें लाने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबर स्कूटर और बाइक के निकले। पटेल इंजीनियरिंग की ओर से लगाए गए बिलों में अनियमितताओं का आलम ये था कि 70 किलोमीटर के सफर में वाहनों के फेरे आधे घंटे में दो दो बार लगवा दिए गए। जबकि माल ढोने वाले बड़े वाहनों के लिए 70 किलोमीटर की दूरी को किसी भी हालत में आधे घंटे में तय करना संभव नहीं है वो भी आना जाना।

रिजिजू पर आरोपों की छीटें लगने की बड़ी वजह हैं उनके चचेरे भाई बताए जा रहे गोबोई रिजिजू की सीवीओ सतीश वर्मा से उनका नाम लेकर सिफारिश करना और ऊर्जा मंत्रालय को ठेकेदार का भुगतान करने के संबंध में लिखे गए उनके खत। बता दें कि सीवीओ द्वारा मामले में भ्रष्टाचार की आशंका जताए जाने के बाद बांध के ठेकेदार का बकाया भुगतान रोक दिया गया था जिसके बाद किरण्‍ा रिजिजू ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को बकाया भुगतान के बाबत पत्र लिखा था।

अखबार की खबर के अनुसार 4 नवंबर 2015 को रिजिजू ने ऊर्जा मंत्रालय को खत लिखकर ठेकेदार के रोके गए फंड को जारी करने की अपील की थी। गोबोई रिजिजू इस पावर प्रोजेक्ट के प्रमुख ठेकेदारों में से एक है। खास बात ये है कि इस खत के बाद गोबोई रिजिजू सीवीओ सतीश वर्मा से मिले और कहा कि "उनके लायक कोई मदद हो तो बताइए हो भैया से बात कर लेंगे'। इसकी रिकार्डिंग सतीश वर्मा के पास भी है। There should be an investigation into this, then only truth will come out: Ninong Ering,Congress on Kiren Rijiju/ Arunachal Hydro Project pic.twitter.com/4VDgaXaEA8 — ANI (@ANI_news) December 13, 2016
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कांग्रेस ने लगाए रिजिजू पर घोटाले के आरोप, जारी की ओडियो टेप

- फोटो : ANI
वहीं इस तरह के आरोपों के सामने आने के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू का पारा हाई हो गया। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ इस तरह की खबरें जानबूझकर प्लांट की जा रही हैं। 

गुस्से में रिजिजू यह भी कह गए कि 'उनके यहां आने पर ऐसे लोगों को जूते मारे जाएंगे, क्या लोगों की मदद करना करप्‍शन है"। वहीं इस मुद्दे के सामने आते ही कांग्रेस ने भी सरकार और रिजिजू के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेता निनोंग इरिंग ने कहा इस मामले की विस्तृत जांच होनी चाहिए तभी इसकी सच्चाई सामने आ पाएगी। 

वहीं, कांग्रेस की ओर से इस संबंध में एक ऑडियो टेप भी जारी किया गया है। कांग्रेस नेता रणदीप सूरजेवाला ने प्रेस कान्फ्रेंस में वही टेप जारी किया जिसमें सतीश  वर्मा और रिजिजू के भाई बताए जा रहे गोबोई रिजिजू के बीच बातचीत है। 

सूरजेवाला ने दावा किया कि इस टेप को सुनने के बाद साफ है कि रिजिजू ने अपने ठेकेदार भाई को मदद पहुंचाने के लिए मंत्री पद का गलत इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने इसे 450 करोड़ का घोटाला बताते हुए मामले में जांच की मांग की। We have audio proof against Mr.Kiren Rijiju: RS Surjewala,Congress on Arunachal Hydro Project pic.twitter.com/GdT54SsvLy — ANI (@ANI_news) December 13, 2016
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