केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अलवर हिंसा मामले में राजस्थान सरकार से रिपोर्ट तलब की है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि राजस्थान सरकार से घटना का ब्योरा, शामिल लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई और घटना के बाद शांति बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी जल्द से जल्द देने को कहा गया है। वहीं अल्पसंख्यक आयोग ने मामले में प्रशासन को नोटिस जारी किया है, और सात दिन का वक्त दिया है।
पायलट ने की न्यायिक जांच की मांग
राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख सचिन पायलट का कहना है कि अलवर हिंसा में अकबर की मौत के मामले की जांच कर रहे अधिकारी पक्षपात करेंगे। सच्चाई सामने लाने के लिए मामले की न्यायिक जांच कराई जाए।
उन्होंने कहा कि भाजपा के शासन में भीड़ हिंसा आम बात हो गई है। असामाजिक तत्वों को कानून हाथ में लेने, लोगों पर हमला करने और हत्या करने की छूट दे दी गई है। राजस्थान सरकार विकास के मोर्चे पर नाकाम हो गई है। इसलिए समाज को बांटने की राजनीति की जा रही है।