केंद्रीय गृहमंत्रालय ने रविवार को असम से संबंधित तीन अहम मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठक की। इसमें एनआरसी, छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग और असम समझौते की महत्वपूर्ण उपधारा के कार्यान्वयन के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर चर्चा हुई।
बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी तथा असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि बैठक में असम केंद्रित एनआरसी, छह जातीय समुदायों कोच-राजबोंगशी, ताइ-अहोम, मताक, मरोन, चुटिया तथा चाय बागानों से संबंधित जनजातियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने और असम समझौते की छठी उपधारा को लागू करने को लेकर समिति की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। राज्य में अंतिम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का 31 अगस्त 2019 को जारी किया गया था। इसमें 3.30 करोड़ आवेदनकर्ताओं में से 3.11 करोड़ के नाम शामिल किए गए थे जबकि 19.06 करोड़ के नाम नहीं थे।