भारत में कोरोना की दूसरी लहर थमने के बाद डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर केंद्र सरकार भी चिंतित है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राज्यों को चिट्ठी लिखकर जांच और जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही राज्यों को यह भी सतर्क किया गया है कि जिन जिलों में डेल्टा प्लस के केस मिले हैं, वहां तत्काल प्रभाव से कंटेनमेंट जोन बनाए जाएं।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा समेत राजस्थान के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर डेल्टा प्लस वैरिएंट के प्रसार को रोकने के उपायों को बढ़ाने का निर्देश दिया है। इससे पहले पिछले दिनों आईजीएमआर के डीजी डॉ. बलराम भार्गव ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट अभी 12 देशों में मौजूद है। देश में अब तक 11 राज्यों में 50 मामलों की पहचान की गई है। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2 दिन पहले महाराष्ट्र, केरल और मध्यप्रदेश को अलर्ट जारी किया था। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि इन तीन राज्यों को इस वैरिएंट से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
तीन राज्यों में तेजी से बढ़ रहे मामले
पिछले दिनों भोपाल में 65 साल की एक महिला में डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया था। हालांकि, महिला की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव थी, फिर भी जीनोम सिक्वेंसिंग में डेल्टा प्लस का खुलासा हुआ। महिला का इलाज घर पर ही चल रहा है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और केरल में डेल्टा प्लस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। महाराष्ट्र में 20, मध्यप्रदेश में 7 और केरल में डेल्टा प्लस वैरिएंट के तीन मामले सामने आए हैं। वहीं तामिलनाडु में 9 केस मिले हैं।
कोरोना के नए मामलों में गिरावट
गौरतलब है कि देश में 24 जून को कोरोना के 51,255 नए मामले सामने आए हैं, वहीं 1324 लोगों की जान भी गई। इस दौरान 63,674 लोगों ने संक्रमण को मात भी दी। फिलहाल देश में 6.07 लाख एक्टिव केस हैं। पिछले 85 दिनों बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 6 लाख से नीचे पहुंची है।