फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

एक देश-एक चुनाव: सरकार पेश कर सकती है तीन विधेयक, इनमें से दो संविधान संशोधन के लिए

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 30 Sep 2024 04:17 AM IST

सार

देश में एक साथ चुनाव कराने की योजना को आगे बढ़ते हुए सरकार ने इस महीने की शुरुआत में देशव्यापी आम सहमति बनाने की कवायद के बाद उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार किया था। प्रस्तावित प्रथम संविधान संशोधन बिल लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने का प्रावधान करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik


देश में एक साथ चुनाव कराने की योजना को आगे बढ़ते हुए सरकार ने इस महीने की शुरुआत में देशव्यापी आम सहमति बनाने की कवायद के बाद उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को स्वीकार किया था। प्रस्तावित प्रथम संविधान संशोधन बिल लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने का प्रावधान करेगा।


प्रथम बिल में ‘एकसाथ चुनाव’ का प्रावधान

प्रस्तावित बिल में ‘नियत तिथि’ से संबंधित उपखंड (1) को जोड़कर अनुच्छेद 82ए में संशोधन किया जाएगा। यह बिल लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के कार्यकाल की समाप्ति से संबंधित अनुच्छेद 82ए में उपखंड (2) को शामिल करने की भी कोशिश करेगा। साथ ही इसमें विधानसभाओं को भंग करने तथा अनुच्छेद 327 में संशोधन कर ‘एकसाथ चुनाव’ शब्द जोड़ने से संबंधित प्रावधान भी हैं।




दूसरे बिल को 50 फीसदी राज्य विधानसभाओं की मंजूरी जरूरी

प्रस्तावित दूसरे संविधान संशोधन बिल को कम से कम 50 फीसदी राज्य विधानसभाओं की मंजूरी की आवश्यकता होगी क्योंकि यह राज्य के मामलों से संबंधित मामलों से निपटेगा। दूसरा संविधान संशोधन विधेयक एक नया अनुच्छेद 324ए जोड़कर लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों के साथ-साथ नगर पालिकाओं और पंचायतों के चुनाव भी एक साथ कराने का प्रावधान करेगा।


तीसरा बिल विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों से जुड़ा

तीसरा बिल एक साधारण विधेयक होगा, जो विधानसभा वाले केंद्रशासित प्रदेशों पुडुचेरी, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर से संबंधित तीन कानूनों के प्रावधानों में संशोधन करेगा, ताकि इन सदनों की अवधि को अन्य विधानसभाओं और लोकसभा के साथ संरेखित किया जा सके, जैसा पहले संविधान संशोधन विधेयक में प्रस्तावित किया गया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next