केंद्र के वार्षिक सर्वेक्षण में इंदौर को लगातार छठी बार सबसे स्वच्छ शहर चुना गया है। इसके बाद सूरत को दूसरा और नवी मुंबई को तीसरा स्थान मिला है। केंद्र सरकार के वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में मध्य प्रदेश को राज्यों में पहला स्थान मिला है। इसके बाद छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का स्थान है।
इसी तरह हरिद्वार को एक लाख से अधिक आबादी की श्रेणी में सबसे स्वच्छ गंगा शहर बनकर उभरा है। इसके बाद वाराणसी और ऋषिकेश का स्थान है। एक लाख से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में महाराष्ट्र का पंचगनी पहले स्थान पर रहा, उसके बाद छत्तीसगढ़ का पाटन (एनपी) और महाराष्ट्र का करहड़ रहा।
इंदौर और सूरत ने इस साल बड़े शहरों की श्रेणी में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा, जबकि विजयवाड़ा ने अपना तीसरा स्थान नवी मुंबई से गंवा दिया। सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार, 100 से कम शहरी स्थानीय निकायों वाले राज्यों में त्रिपुरा ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।
सर्वेक्षण के परिणामों के अनुसार, एक लाख से कम आबादी वाले गंगा के किनारे बसे शहरों में बिजनौर पहले स्थान पर रहा। इसके बाद कन्नौज और गढ़मुक्तेश्वर का स्थान रहा। सर्वे में महाराष्ट्र के देवलाली को देश का सबसे स्वच्छ छावनी बोर्ड चुना गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को यहां एक कार्यक्रम में विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अन्य भी मौजूद थे।
कल से शुरू होगा केंद्र सरकार का विशेष अभियान 2.0
सरकारी कार्यालयों और विभागों में लंबित शिकायतों के समय पर निपटान के साथ-साथ स्वच्छ कार्यक्षेत्र को लेकर केंद्र सरकार रविवार से अपने महीने भर के विशेष अभियान 2.0 की शुरुआत करेगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह दिल्ली के सरदार पटेल भवन में कार्मिक मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) कार्यालय से इस अभियान की शुरुआत करेंगे।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा पेश की गई 'विशेष अभियान 2.0 दिशा-निर्देश पुस्तिका' का विमोचन भी करेंगे। इससे पहले केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने 2 अक्टूबर से शुरू होने वाले विशेष अभियान 2.0 के लिए 'स्वच्छता' पोर्टल लॉन्च किया था। इस अभियान के तहत स्वच्छता और सरकार में पेंडेंसी को कम करने पर फोकस किया जाएगा। ये विशेष अभियान 2.0 दो अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसमें भारत सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों और सभी संबद्ध,अधीनस्थ और स्वायत्त निकायों के साथ सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को शामिल किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत सरकार के मंत्रालयों और विभागों द्वारा स्वच्छता अभियान चलाने के लिए 67,000 साइटों की पहचान की गई है। इस विशेष अभियान के दौरान लगभग 21 लाख फाइलों और तीन लाख ई-फाइलों की समीक्षा की जानी है।