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केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर आरक्षण वाला दूसरा संशोधन विधेयक वापस लिया

Thu, 28 Nov 2019 08:38 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लोकसभा - फोटो : ANI
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केंद्र सरकार ने बुधवार को जम्मू और कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2004 का और संशोधन करने वाले जम्मू और कश्मीर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2019 को वापस ले लिया। गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में विधेयक को वापस लेने की अनुमति मांगी और सदन की सहमति के बाद विधेयक को वापस ले लिया गया।

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सरकार ने राज्य में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को कोटा प्रदान करने वाले इस विधेयक को वापस ले लिया, क्योंकि धारा 370 के तहत विशेष दर्जा रखने वाले इस प्रदेश के केंद्र शासित प्रदेश बन जाने के बाद से ही वहां केंद्रीय कानून लागू हैं।

जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक 2019 को लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने 24 जून को पेश किया था। इस विधेयक को जम्मू और कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2004 में संशोधन के लिए लाया गया था और एक मार्च को इसे एक अध्यादेश में परिवर्तित कर दिया गया था।
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इस अधिनियम में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों से संबंधित व्यक्तियों को राज्य सरकार के कुछ पदों पर नियुक्ति और पदोन्नति में आरक्षण का प्रावधान है। इसमें वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटे क्षेत्रों में रहने वाले सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के लोगों को शामिल करने के लिए परिभाषित किया गया है।

यह विधेयक अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को भी आरक्षण के दायरे में लाता है। हालांकि, केंद्र के अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को निरस्त करने के साथ, केंद्रीय कानून अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के केंद्र शासित प्रदेशों पर लागू होंगे।

विधेयक को वापस लेने का विरोध करते हुए, टीएमसी के सौगत रॉय ने कहा कि नियम कहता है कि मंत्री को कारणों का हवाला देते हुए बिल वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर एक संवेदनशील मुद्दा है, मंत्री को इस मुद्दे को साफ करना चाहिए।

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