पोषण का ख्याल रखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मिशन पोषण 2.0 को विस्तार देते हुए यह नई योजना तैयार की है। जिसमें पोषण ट्रैकर के जरिये भोजन बनने से लेकर वितरण के काम की मॉनटरिंग रखी जाएगी।
देश भर के आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चे अब बिना गड़बड़ी के आसानी से गर्म व पौष्टिक भोजन पा सकेंगे। सही तरीके से उन्हें गर्म भोजन सुनिश्चित करने को अब उस व्यवस्था की ऑनलाइन निगरानी होगी। इसके लिए 14 लाख से अधिक आंगनबाड़ी केंद्रों में हॉटकुक्ड मील योजना को और बेहतर तरीके से लागू किया जाएगा।
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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मिशन पोषण 2.0 को विस्तार देते हुए यह नई योजना तैयार की है। उसके पोषण ट्रैकर के जरिये भोजन बनने से लेकर वितरण के काम की मॉनटरिंग होगी। इसके लिए छह राज्यों के कुछ जिलों को चिन्हित किया जाएगा। इनमें यह योजना पॉयलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू होगी। योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन वितरण के वक्त ग्रुप फोटोग्राफ लिए जाएंगे।
मोबाइल एप के जरिए किसी भी केंद्र की वास्तविक लोकेशन व हालत जानी जा सकेगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा मोबाइल फोन से लाइव फोटो लिया जाएगा। मोबाइल ऐप में पहले से मौजूद विवरण से उसका मिलान होगा। इस तरह पात्र बच्चों को समय पर व पोषणयुक्त गर्म भोजन मिलना सुनिश्चित हो सकेगा।
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मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक इसके प्रभावी नतीजे आने पर इस योजना को पूरे देश में लागू किया जाएगा। इससे जहां भोजन की गुणवत्ता तय होगी, वहीं केवल पात्र बच्चों तक गरम भोजन पहुंचेगा।
देश में 14,02,357 आंगनबाड़ी केंद्र
अभी देश में 14,02,357 आंगनबाड़ी केंद्र, 13,34,954 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं। कुल लाभार्थियों की संख्या 8,87,69,382 है।