नीति आयोग का कहना है कि देश के ये जिले जब तक आगे नहीं बढ़ेंगे, आर्थिक प्रगति की रफ्तार तेज नहीं हो सकती। अमिताभ कांत कहते हैं कि अर्थव्यवस्था में तेज वृद्धि दर आ भी जाए, लेकिन जब तक उसका लाभ निचले स्तर तक नहीं जाता, उसका कोई मतलब नहीं है। इसलिए आयोग ने इसी साल मई से जिलों में होने वाली प्रगति के आधार पर उनकी रैंकिंग जारी करने की भी व्यवस्था की है। इसे आधिकारिक तौर पर डेल्टा रैंकिंग का नाम दिया गया है।
एक- दूसरे से सीख सकेंगे जिले
अमिताभ कांत का कहना है कि जब सभी जिलों की रैंकिंग आम की जाएगी तो इससे पिछड़े जिले एक- दूसरे के अनुभवों से सीख सकते हैं। आयोग की इस रैंकिंग में पश्चिम बंगाल और केरल को छोड़कर देश के सभी राज्य शामिल हैं। उन्होंने संभावना जताई कि रैंकिंग से छूटे दोनों राज्यों के भी जल्दी ही इससे जुड़ने की संभावना है।
आधार रैंकिंग में आंध्र प्रदेश आगे, हरियाणा सबसे पीछे
नीति आयोग की आधार रैंकिंग के तहत आंध्र प्रदेश का विजयनगरम सर्वाधिक 48.13 अंक के साथ सर्वोच्च स्थान पर है, वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटा हरियाणा का मेवात 26.02 अंक के साथ सबसे पीछे है।
शीर्ष स्थान पर आने वाले अन्य जिलों में छत्तीसगढ़ का राजनंदगांव, महाराष्ट्र का उस्मानाबाद, आंध्र प्रदेश का कुडप्पा, तमिलनाडु का रामनाथपुर, उत्तराखंड का उधम सिंह नगर, छत्तीसगढ़ का महासमुंद, तेलांगाना का खम्मम और आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम शामिल है। यदि सूची के निचले पायदान पर नजर डालें तो तेलांगाना का आसिफाबाद, मध्य प्रदेश का सिंगरौली, उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती, सिद्घार्थ नगर और बलरामपुर तथा अरुणाचल प्रदेश के नामसाई और सुकमा जिले शामिल हैं।